नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने कहा है कि
प्रदूषण विभाग को पर्यावरण संबंधी सभी केसों का फैसला एक साल के भीतर करने
का आदेश जारी किया गया है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार शुक्रवार को जालंधर में
आईवीवाई वर्ल्ड स्कूल में पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा आयोजित
राज्यस्तरीय समारोह में बतौर मुख्य मेहमान पहुंचे थे।
जस्टिस स्वतंत्र
कुमार ने कहा कि वह नहीं चाहते कि शिकायतकर्ता दादा बन जाए और फैसला उसका
पोता सुनने पहुंचे। इसलिए केस की अवधि एक साल तय कर दी गई है। इसी कारण उन
82 फीसदी शिकायतों का निपटारा हो चुका है, जो ट्रिब्यूनल के पास पहुंची थी।
उन्होंने कहा कि लोगों में पर्यावरण को बचाने के जज्बे को जगाने के लिए
प्राइमरी स्कूलों से ही पर्यावरण सुरक्षा नामक विषय शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने
कहा कि नेपाल और जम्मू-कश्मीर में आपदा इस बात की गवाह है कि इंसान ने
कुदरत में दखलंदाजी कर गलत किया है। यह समय है कि सभी लोग मिलकर एक संयुक्त
कदम उठाएं ताकि ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण फ्री देश का निर्माण किया जा
सके।
इस दौरान पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन मनप्रीत छतवाल ने
जस्टिस स्वतंत्र कुमार का स्वागत किया। इस दौरान पटियाला यूनिवर्सिटी से आए
डॉ. जगबीर मुखी ने कहा कि पेड़ों की कटाई वातावरण के लिए गंभीर खतरा है।
पंजाब में अब सिर्फ 2.8 फीसदी रकबे पर जंगल रह गया है, जो चिंता का विषय
है। अगर अभी न संभाला गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर भुगतने
होंगे।