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450 बच्चों को पिलानी थी पोलियो की दवा, बूथ पर आया सिर्फ एक बच्चा

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अबोहर के बूथ नं. 21 पर खाली बैठी पोलियो टीम। - फोटो : ABOHAR
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सरकार राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करती है, ताकि लोग अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को बूथों पर जाकर दवा पिलाएं। इसके बावजूद लोग अपने बच्चों की जीवन रक्षा के प्रति सजग नहीं है। रविवार को अबोहर के एक पोलियो बूथ सुबह 9 बजे से 3 बजे तक मात्र 1 बच्चा हीदवा पीने आया। इससे परेशान बूथ पर नियुक्त स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घर-घर जाकर 57 बच्चों को दवाई पिलाई। इस बूथ पर 450 बच्चों को दवा पिलाई जानी थी।
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एसएमओ डा. युधिष्ठर चौधरी ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे लोगों की अनदेखी करार दिया। एसएमओ के मुताबिक पल्स पोलियो अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 8 रिक्शे चलाए थे। हालांकि बाजार में एक रिक्शा भी नहीं देखा गया। रविवार को बूथ नंबर 21 पर सुबह 9 बजे से लेकर 3 बजे तक मात्र एक ही बच्चे को दवा पिलाने के लिए लाया गया। इस बात से चिंतित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जब घर घर जाकर लोगों को पोलियो बूथ पर आकर दवा पिलाने को कहा। इसके बावजूद भी कोई दवा पिलाने नहीं आया। बूथ के इंचार्ज भूपेंद्र सिंह के मुताबिक इसके बाद उन्होंने उसहयोगी कमल, अरमान व शीनू ने घर-घर जाकर 57 बच्चों को दवा पिलाई।
अभियान के जिला इंचार्ज मनबीर सिंह ने बताया केवल एक बूथ पर ही ऐसा नहीं हुआ बल्कि अन्य कई बूथों पर ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को ऐसी समस्याओं से जूझना पड़ा है। उन्होंने कहा कि एक भी पोलियो बूथ पर 80 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। इससे पता चलता है कि लोग अपने बच्चों के जीवन की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार को जो 50 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य पूरा किया गया है, उसमें भी 288 कर्मचारियों की कड़ी मेहनत रही है। रविवार को 19002 बच्चों में से मात्र 9268 बच्चों को दवा पिलाई गई है।
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फोटो एबीआर 1 है
कैप्शन: अबोहर के बूथ नंबर 21 पर खाली बैठी सेहत विभाग की टीम।
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