केंद्रीय गृह मंत्रालय शुक्रवार को न बताता तो शायद पंजाब पुलिस को शनिवार सुबह एयरबेस कैंप पर हमले के बाद ही पता चलता कि इलाके में आतंकवादी घुस आए हैं।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को पंजाब के डीजीपी और खुफिया विभाग को ठोस कार्रवाई के लिए कहा और साथ ही एनएसजी के 62 जवानों का दस्ता भी तत्काल पठानकोट रवाना कर दिया था।
इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है कि किस तरह से एक संवेदनशील व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी घटना को महज छोटी वारदात मानकर चुपी साधे रखी।
वीरवार रात को ढाई बजे एसपी सलविंदर सिंह को अगवा कर उनकी गाड़ी छीनने की घटना का पता चल गया था लेकिन पठानकोट और गुरदासपुर के एसएसपी एसपी सलविंदर सिंह को ही अपराधी मानते रहे।
शुक्रवार दोपहर तक आर्मी, बीएसएफ और आईबी ने अपनी रिपोर्ट फाइल कर दी थी कि एसपी के साथ जो हुआ है, वह आतंकवादी कार्रवाई है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम तो शुक्रवार सुबह ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी और सारे इनपुट लेकर रिपोर्ट तैयार कर दी थी कि यह इलाका बार्डर से सटा हुआ है और पंजाब में घुसपैठ कर आतंकवादी आ चुके हैं।
इस बात का जिक्र भी किया गया था कि आतंकवादी हथियारों से लैस हैं और दीनानगर जैसे अटैक की तैयारी की जा रही है। आतंकवादियों ने इस बार भी दीनानगर का रूट ही इस्तेमाल किया है और वे सैन्य वर्दी में हैं।
यह आर्म्ड फोर्स के हेडक्वार्टर को निशाना बना सकते हैं। इस बात का जिक्र भी था कि निशाना पंजाब पुलिस का कोई थाना या आर्मी या फिर एयरबेस कैंप हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को शुक्रवार दोपहर बाद मिल गई थी। इस पर पूरा फीड बैक लेने के बाद गृह मंत्रालय ने डीजीपी पंजाब सुरेश अरोड़ा को जानकारी दी।
इसमें कहा गया कि आतंकवादी पठानकोट में वारदात करने की फिराक में हैं और दिल्ली से इस बाबत एनएसजी की एक टीम भेजी जा रही है। इसके बाद ही पंजाब पुलिस नींद से जागी।
इसके बाद एसपी सलविंदर सिंह की बात पर यकीन किया गया और चंडीगढ़ से एडीजीपी कानून व्यवस्था हरदीप सिंह ढिल्लों को पठानकोट रवाना किया गया।
साथ ही शुक्रवार रात तक कई पुलिस अधिकारियों को बुला लिया गया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और आतंकवादी एयरफोर्स स्टेशन के अंदर पहुंच चुके थे।
आईबी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक उनकी तरफ से तैयारियां तो पूरी हो चुकी थी लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि आतंकवादी शुक्रवार सुबह ही एयरफोर्स स्टेशन के अंदर पहुंचने में कामयाब हो जाएंगे।