पंजाब के जालंधर में पुलिस ने बीएमसी चौक स्थित तीन टैक्सी स्टैंड पर कार्रवाई करते हुए उनके सामान को वहां से उठा लिया।
बुधवार रात को हुई कार्रवाई का जब टैक्सी स्टैंड मालिकों को वीरवार सुबह पता लगा तो उन्होंने विरोध स्वरूप बीएमसी चौक में धरना दिया। यूनियन का आरोप है कि पुलिस ने यह कार्रवाई एक बड़े होटल मालिक के कहने पर की है। हालांकि पुलिस के जानकार बताते हैं कि यह कार्रवाई डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के कहने पर हुई है।
डिप्टी सीएम जब भी जालंधर फेरी पर आते हैं तो बीएमसी चौक स्थित एक बड़े होटल में ठहरते हैं। इस दौरान रोड पर खड़ी गाड़ियों के कारण उनकी सिक्योरिटी में काफी परेशानी होती है।
इन टैक्सी स्टैंडको हटाने के लिए नगर निगम भी लंबे समय से प्रयास कर रहा है। वह इन टैक्सी स्टैंड को शहर में बने फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगह पर शिफ्ट करना चाहता है। इस संबंधी पहले ही विचार चल रहा है। पुलिस कार्रवाई के विरोध में टैक्सी स्टैंड मालिकों के धरने को कांग्रेसी नेताओं ने भी समर्थन दिया।
...तो मरणव्रत रखा जाएगा
वीरवार को सुबह टैक्सी स्टैंड ड्राइवरों ने बीएमसी चौक में धरना दिया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। यूनियन के प्रधान दलजिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने उनके साथ धक्केशाही की है। रात के समय की गई कार्रवाई गलत है। अगर पुलिस ने अपनी कार्रवाई बंद न की और उन्हें स्टैंड लगाने की अनुमति न दी तो वे चौक में मरणव्रत पर भी बैठ सकते हैं।
यूनियन प्रधान ने कहा कि उन्हें सुबह ही सूचना मिली थी कि पुलिस ने इन स्टैंड पर सामान उठा लिया है। पहले नगर निगम भी उनका रोजगार छीनने के लिए एक्शन लेता रहा है। निगम ने विश्वास दिया था कि जब भी कार्रवाई होगी तो उन्हें स्थान मुहैया करवाया जाएगा। अब पुलिस ने चुपचाप यह कार्रवाई कर उनके भरोसे को तोड़ दिया है।
होटल प्रबंधकों पर लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने यहां के होटल प्रबंधकों के कहने पर यह कार्रवाई की है। हैरानी तो यह है कि जिस होटल के कहने पर कार्रवाई की गई है, उसके पास खुद पार्किंग की जगह नहीं है। होटल में आने वाले सभी लोगों की गाड़ियां रोड पर ही खड़ी होती हैं। धरने के दौरान कांग्रेस के पूर्व पार्षद रजिंदर बेरी, कांग्रेसी नेता मेजर सिंह, नीलकंठ जज, सुशील रिंकू, शैरी बहल, सरपंच आत्मा सिंह, पूर्व पंच दविंदर सिंह, भरत अरोड़ा, बलबीर, एसएस रावत मौजूद थे।