थाना सदर के गांव कोटसुखिया स्थित डेरा बाबा हरका दास में बीती 7 नवंबर को संत बाबा दयाल सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में वांछित दो नौजवानों को गत दिवस मध्यप्रदेश की शामगढ़ पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों गांव नवाकिला में रहते नाथेवाला (मोगा) निवासी लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा और गांव जैमलवाला (मोगा) निवासी अमरीक सिंह उर्फ शेरू को प्रॉडक्शन वारंट के आधार पर अपनी हिरासत में लेने के लिए कोटकपूरा पुलिस मध्यप्रदेश पहुंच चुकी है। इस बात की पुष्टि डीएसपी कोटकपूरा बलकार सिंह संधू ने की है।
पुलिस के अनुसार इन दोनों नौजवानों ने ही घटना वाले दिन 7 नवंबर की शाम को डेरा बाबा हरका दास में संत बाबा दयाल दास की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। केस की पड़ताल के आधार पर पुलिस द्वारा वारदात से पहले डेरे की रेकी करने वाले दो आरोपियों गांव चुगांवा (मोगा) निवासी अमरजीत सिंह उर्फ मक्खन और गांव कपूरे (मोगा) निवासी हरमीत सिंह उर्फ रूबल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और छह दिन के पुलिस रिमांड के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। इस हत्याकांड में पुलिस की जांच में सामने आया था कि यह हत्या गांव कपूरे (मोगा) के डेरा दरबार के मुखी संत बाबा जरनैल दास ने डेरा कोटसुखिया की गद्दी हासिल करने के लिए करवाई थी और जेल भेजे जा चुके दोनों आरोपियों के रेकी करने के बाद लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा और उसके साथी अमरीक सिंह उर्फ शेरू ने मिलकर हत्या कीे को अंजाम दिया था। डीएसपी बलकार सिंह संधू ने बताया कि पुलिस द्वारा लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा व अमरीक सिंह शेरू की काफी सरगर्मी से तलाश की जा रही थी और इसी दौरान पुलिस को मध्यप्रदेश पुलिस से इन दोनों की वहां पर गिरफ्तारी होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही उनकी पुलिस पार्टी मध्यप्रदेश पहुंच चुकी है और उन्हें वहां की अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर कोटकपूरा लाया जा रहा है।