एक एएसआई ने अपने साथियों के साथ फगवाड़ा गेट स्थित राजू चीज कॉर्नर पर पहले भटूरे और लस्सी पी। जब पैसे देने की बारी आई तो एएसआई उसी चीज कार्नर के कारिंदे को आरोपी बताते हुए अपने साथ ले गए। इसके बाद दुकानदार सीआईए स्टाफ थाने पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
हंगामे के बाद मामला डीएसपी नवीन सिंगला के पास पहुंचा। उन्होंने दुकानदारों से मामले की जांच करने के बाद कारिंदे को छोड़ने का वादा किया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि एएसआई कृपाल सिंह अपने छह साथियों के साथ राजू चीज कार्नर पर भटूरे खाने के लिए पहुंचे। उसके साथ महिला पुलिस भी थी। चीज कार्नर के मालिक नरेश कुमार ने बताया कि एएसआई ने लस्सी और भटूरे खाए।
जब उन्होंने पैसे मांगे तो एएसआई ने उसकी दुकान पर भटूरे तलने वाले एक कर्मचारी मकबूल को उठा लिया। एएसआई उसे जबरन सीआईए स्टाफ थाने में ले गया। उधर, एएसआई कृपाल सिंह ने पैसे के लेनदेन की बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि मकबूल स्नेचिंग के मामले में आरोपी है। इसी कारण उसे थाने लाया गया है।
उधर, डीसीपी नवीन सिंगला का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है।
पैसों के लेनदेन का मामला नहीं है। जिस लड़के को पुलिस थाने लेकर गई है उसे किसी दूसरे व्यक्ति ने स्नेचिंग करते हुए देखा था। उसी के बयान पर ही उस लड़के को थाने लाया गया है। उनका कहना है कि अब अपने कर्मचारी को बचाने के लिए दुकानदार पुलिस पर आरोप लगा रहा है। उसे फिलहाल छोड़ दिया गया है। सोमवार को उसे फिर से बुलाया जाएगा।