जालंधर नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर तथा डिप्टी मेयर के बीच लड़ाई बढ़ती जा रही है। सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया तथा डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय का कहना है कि नगर निगम भ्रष्टाचारियों का अड्डा है।
इसके लिए मेयर पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। उधर करप्शन पर मेयर कहते हैं कि मैं अकेला नहीं, इसके लिए सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर भी बराबर के जिम्मेदार हैं।
नगर निगम की हाउस की बैठक में भी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के साथ समूह पार्षदों ने एक सुर में नगर निगम में हो रही धांधलियों के विरुद्ध अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए मेयर से जवाब मांगा था।
इस पर मेयर ने भी सहमति जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई थी और एक कमेटी बनाने का फैसला किया था। यह कमेटी अब तक नहीं बनी है।
भ्रष्टाचार खत्म करने में मेयर नाकाम : भाटिया
सीनियर डिप्टी मेयर व शिअद नेता कमलजीत सिंह भाटिया का कहना है कि मेयर भ्रष्टाचार खत्म करने में फेल रहे हैं। भाटिया ने कहा कि बिल्डिंग ब्रांच अपना काम सही करे तो नगर निगम की आर्थिक हालत में सुधार हो सकता है।
शहर में करोड़ों के पैच वर्क में घोटाला हुआ है, लेकिन इस पर मेयर चुप हैं। 120 फुट रोड पर तारा पैलेस के पास सड़क का निर्माण रुका है, मास्टर गुरबंता सिंह मार्ग का काम अधर में है। मिट्ठू बस्ती रोड, काला संघियां रोड तथा छठी पातशाही गुरुद्वारा की रोड के काम बीच में रुके हैं।
उन्होंने कहा कि करीब सवा माह से वह आफिस नहीं जा रहे हैं, लेकिन मेयर को पता ही नहीं है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के खिलाफ मेयर एक्शन नहीं ले सके हैं।
उनके रूम में सफाई कर्मियों ने तोड़फोड़ की थी, लेकिन मेयर ने महज शिकायत देने के अतिरिक्त कोई एक्शन नहीं लिया। भाटिया ने कहा कि अगले सप्ताह तक मेयर व कमिश्नर ने एक्शन नहीं लिया तो वह कोर्ट जाएंगे।
डिप्टी मेयर तैयार करवा रहीं सीडी
डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय का कहना है कि वह मेयर के कार्य से पूरी तरह खुश हैं, मगर भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। वह बताती हैं कि नगर निगम में भ्रष्टाचार की जानकारी विजिलेंस के अधिकारी को दे चुकी हैं।
अब वह नगर निगम में भ्रष्टाचार की एक सीडी तैयार करवा रही हैं। इसको वह विजिलेंस तथा डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जो पौधे जंगलात विभाग से मुफ्त मिल सकते हैं, उन पर निगम 18 लाख रुपये खर्च करने जा रहा था। इसे मैंने रोका था।
भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए मेरा समर्थन : मेयर
मेयर सुनील ज्योति का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि नगर निगम में हो रही लीकेज के लिए अगर वह जिम्मेवार हैं तो भाटिया, ओबराय व समूह पार्षद बराबर के जिम्मेवार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य में उन्होंने सीनियर डिप्टी मेयर तथा डिप्टी मेयर को बराबर का सम्मान दिया है। अगर भ्रष्टाचार की सीडी बना रही हैं तो यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि दफ्तर में तोड़फोड़ में पुलिस जांच जारी है। नगर निगम ने सभी की सहमति के बाद इसकी पुलिस को शिकायत दी थी। मेयर बोले कि उन्होंने नगर निगम की मर्यादा को भंग करने की कोशिश नहीं की है। आठ नवंबर के कार्यक्रम की पूरी जानकारी दोनों को दी गई थी।