हथियार व विस्फोटक पदार्थों की सप्लाई गुरप्रीत ने आईएसआई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जरिये ड्रोन से भारत भेजी थी। सूत्रों के अनुसार 13 बार ड्रोन ने अगर घुसपैठ की है तो 5 बार ड्रोन हथियार गिरा चुका है। पंजाब में ही 12 अगस्त 2019 से अब तक पांच चीनी ड्रोन बरामद किए जा चुके हैं।
इंटेलीजेंस एजेंसियों ने सुरक्षाबलों को अलर्ट किया है कि हथियार पहुंचाने के लिए इस्तेमाल हो रहे ड्रोन से सीमा के नजदीक लक्ष्यों पर बम से हमला भी किया जा सकता है। भारतीय एजेंसियां इस समस्या से निपटने के लिए मंथन कर रही हैं। एक तरफ जहां भारत एंटी-ड्रोन क्षमता विकसित करने में जुटा है और पंजाब और जम्मू-कश्मीर में धुंध वाले मौसम में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती अधिक होगी।
पिछले साल जून में बीएसएफ ने सीमा पार पाकिस्तान से आते हुए एक ड्रोन को कठुआ में मार गिराया था। इस ड्रोन के मार गिराए जाने पर इससे एक सेमी-ऑटोमेटिक कार्बाइन, गोला-बारूद और ग्रेनेड की बरामदगी हुई थी। इस ड्रोन का वजन करीब 18 किलो था और यह 5-6 किलोग्राम का वजन लेकर उड़ान भर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस ड्रोन के अधिकतर पुर्जे चीन में बने हुए थे। हाल ही में पंजाब में विस्फोटक व टिफिन बम भी ड्रोन के जरिए भेजे गए थे, जिसके दो हिस्से पकड़े जा चुके हैं।