भारतीय जीवन बीमा निगम जनरल बीमा कंपनियों के कर्मचारियों ने बीमा क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण दिवस मनाते सार्वजनिक क्षेत्र की चार साधारण बीमा कंपनियों व साधारण बीमा कार्पोरेशन के विनिवेश का विरोध किया।
मंडल सचिव वेद कुमार ने कहा कि भाजपा ने 2014 में इंश्योरेंस लॉज अमेंडमेंट बिल संसद में पेश किया। इसके बाद मार्च 2015 में सरकार ने यह बिल पास करवा लिया। अब सरकार रेगुलेटरी मेेकेनिज्म की उल्लंघना करते हुए अपने 56300 करोड़ विनिवेश की ओर से एकत्रित करने के 2016-17 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की चार साधारण बीमा कंपनियों और साधारण बीमा कार्पोरेशन के 25 प्रतिशत शेयर बेचने जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि यह साधारण बीमा कंपनियां अपना फंड पूरा करें और सरकार से कोई मदद न लें। उन्होंने कहा कि साधारण बीमा कंपनियों व भारतीय जीवन बीमा निगम ने सरकार से कभी कोई मदद नहीं ली। उन्होंने कहा कि बीमा कर्मचारियों का सर्वोच्च संगठन आल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन जनरल बीमा कंपनियों के विनिवेश का विरोध करता है।