तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह व अन्य का सम्मान करते गुरुद्वारा श्री बेर साह?
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सिख धर्म के संस्थापक और मानवजाति के रहबर श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी में एसजीपीसी की तरफ से विशाल गुरमति समागम का आयोजन किया गया है। इस मौके लाखों की तादाद में संगत नतमस्तक होने के लिए पहुंची।
गुरमति समागम दौरान श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर से हजूरी रागी भाई शौकीन सिंह, भाई सतनाम सिंह, भाई गुरकीरत सिंह, भाई अरविंदर सिंह, भाई जसपिंदर सिंह, भाई करनैल सिंह, भाई दविंदर सिंह आदि ने हाजरी भरी और संगत को गुरबानी कीर्तन से निहाल किया। इस मौके विशेष के तौर पर पहुंचे तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर-ए-मस्कीन ने श्री गुरु नानक देव साहिब के जीवन के इतिहास और गुरबानी के माध्यम से दीं शिक्षाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सतगुरु नानक पातशाह जी ने पूरी मानवता के कल्याण के लिए इस नगरी में लंबा समय बिताया और सभी को एक समान उपदेश दिया। जत्थेदार ने सुल्तानपुर लोधी इलाके की संगत से अपील की कि सतगुरु पातशाह जी के इस महान 550वें प्रकाश पर्व पर अपने घरों के दरवाजे संगत के लिए खोल दो और यह सोच लो कि धन्य गुरु नानक साहिब खुद संगत के रूप में आपके घरों में चरण डालने आ रहे हैं। सिंह साहिब ने कहा कि नफरत छोड़कर सभी श्रद्धा से श्री गुरु नानक पातशाह का गुणगान करो। चाहे विभिन्न संप्रदायों के संत महापुरुष हैं, लेकिन सभी सत्कार तो धन्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का ही करते हैं। हमारी सिख दस्तारों (पगड़ी) के रंग अलग-अलग हो सकते हैं, दस्तार सजाने के तरीके जुदा हो सकते हैं, लेकिन सभी दस्तारें श्री गुरु नानक साहिब जी की सिखी का ही प्रचार कर रही हैं। सभी ही एक अकाल पुरुष के पुत्र हैं। हमें श्री गुरु नानक साहिब की शिक्षाओं को समझकर अमल करना चाहिए और मेरा-मेरा छोड़कर जो सिद्धांत सतगुरु जी ने हमें तेरा-तेरा का प्रकट किया, उस पर चलकर नाम वाणी का सिमरन सेवा करके आत्मिक आनंद प्राप्त करना चाहिए। इस दौरान गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी सुरजीत सिंह सभराय ने सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह और उनके पुत्र भाई संत सिंह, सुपुत्री बीबी अनमोलरतन कौर और बीबी सतदीपजोत कौर का सिरोपा भेंट कर सम्मान किया। समागम के दौरान पूर्व एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर, एसजीपीसी मेंबर बीबी गुरप्रीत कौर, जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरावाल, जत्थेदार शिंगारा सिंह लोहियां, स्वर्ण सिंह, मैनेजर सतनाम सिंह रियाड़, भाई बख्शीश सिंह, भाई लखवीर सिंह, भाई बलवान सिंह ने शिरकत की।