उन्होंने कहा कि एसआईटी की पड़ताल में सामने आया है कि जिप्सी पर फायर करके फर्जी सबूत तैयार करने में पंकज बंसल की अहम भूमिका रही है और एसआईटी ने आरोपी पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने बचाव के लिए तैयार कहानी का भंड़ाफोड़ करके बड़ी सफलता हासिल की है।
एसआईटी की पड़ताल के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी की घटना के बाद 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में शांतिपूर्वक धरनाकारियों पर पुलिस द्वारा गोली चलाई गई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय गोलीकांड के आरोपी पुलिस अधिकारियों ने अपना बचाव करने के लिए आत्मरक्षा में फायरिंग किए जाने की झूठी कहानी गढ़ी और उसके लिए पूर्व एसएसपी की जिप्सी पर खुद ही फायर किए गए और दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने फायरिंग की थी और उन्होंने आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई। मालूम हो कि पंकज बंसल से एसआईटी ने पिछले साल भी पूछताछ की थी और अब सुहेल सिंह बराड़ की गिरफ्तारी और पूछताछ के आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।