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चंडीगढ़: निगम ने फीता काट प्लांट में किया प्रवेश, उधर कंपनी ले आई स्टे ऑर्डर

Sat, 20 Jun 2020 08:33 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्लांट का दौरा करने पहुंचीं मेयर। - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम ने शनिवार को एक ओर जहां फीता काटकर जेपी गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट में काम शुरू करा दिया, वहीं कंपनी के अधिकारी जिला अदालत से स्टे ऑर्डर की कॉपी लेकर आ गए। अब निगम कमिश्नर केके यादव का कहना है कि सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के साथ सोमवार को बैठक कर आगे की योजना तैयार की जाएगी। अदालत जाने की जरूरत पड़ी तो वहां भी जाएंगे।

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बता दें कि बीते छह साल से निगम और जेपी प्लांट के बीच टिपिंग फीस व कचरा प्रोसेस करने को लेकर विवाद चल रहा है। बीते वीरवार को निगम ने कंपनी के अधिकारियों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में प्लांट को खाली करने को कह दिया और तय समय के अनुसार, निगम ने शुक्रवार शाम पांच बजे प्लांट को अपने कब्जे में ले लिया।

प्लांट के अधिकारियों ने कहा कि जिला अदालत ने मामले में स्टे दे दिया है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि लिखित आदेश के बिना वह नहीं मानेंगे। शनिवार को सुबह मेयर राजबाला मलिक ने कमिश्नर, चीफ इंजीनियर शैलेन्द्र सिंह, एमओएच डॉ. एपी सिंह सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में फीता काटकर प्लांट का काम शुरू करा दिया। उधर, जेपी प्लांट के अधिकारी जिला अदालत से पजेशन वापस करने व फिलहाल प्लांट को टेकओवर न करने के ऑर्डर की कॉपी लेकर आ गए। अब नगर निगम सोमवार को अपनी आगामी योजना तैयार करेगा।

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इस बारे में केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम ने कहा कि आज हमने प्लांट में काम शुरू करवा दिया है। जिला अदालत के फैसले की जानकारी मिली है। सोमवार को बैठक के बाद आगामी योजना पर निर्णय करेंगे। वहीं इस बारे में एनके वोहरा, जेपी प्लांट के अधिकारी ने कहा कि निगम ने हमारे कर्मचारियों को जबरन बाहर किया। उन्हें अभी किसान भवन में रुकवाया है। मंगलवार को निगम के पास कोर्ट से ऑर्डर की कॉपी पहुंच जाएगी। उसके बाद निगम को कोर्ट में जवाब देना होगा।

कंपनी के टेक्निकल कर्मचारियों को निगम ने रखा काम पर
शुक्रवार को प्लांट पर ताला लगाने के साथ ही निगम ने सभी कर्मचारियों को भी बाहर कर दिया था। उसके बाद कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। एमओएच ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि किसी को नौकरी से नहीं निकला जाएगा। शनिवार को लगभग 30 टेक्निकल कर्मचारियों को निगम ने प्लांट में काम करने के लिए वापस रख लिया। कमिश्नर का कहना है कि ऑफिस स्टाफ को छोड़कर अन्य लोगों को अपने यहां रखने का प्रयास करेंगे।

विवाद बढ़ा तो फिर कचरा प्रोसेस की जिम्मेदारी किसकी
जेपी प्लांट के अधिकारियों ने कोर्ट से स्टे ले लिया है। वहीं, निगम सोमवार को फिर से कोर्ट जाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कचरा कौन प्रोसेस करेगा। शहर से निकलने वाले कचरे का पहाड़ फिर बढ़ता जाएगा। वहीं, सेक्टर 25, डड्डूमाजरा सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों की समस्या भी बढ़ेगी।
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