इस बारे में केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम ने कहा कि आज हमने प्लांट में काम शुरू करवा दिया है। जिला अदालत के फैसले की जानकारी मिली है। सोमवार को बैठक के बाद आगामी योजना पर निर्णय करेंगे। वहीं इस बारे में एनके वोहरा, जेपी प्लांट के अधिकारी ने कहा कि निगम ने हमारे कर्मचारियों को जबरन बाहर किया। उन्हें अभी किसान भवन में रुकवाया है। मंगलवार को निगम के पास कोर्ट से ऑर्डर की कॉपी पहुंच जाएगी। उसके बाद निगम को कोर्ट में जवाब देना होगा।
कंपनी के टेक्निकल कर्मचारियों को निगम ने रखा काम पर
शुक्रवार को प्लांट पर ताला लगाने के साथ ही निगम ने सभी कर्मचारियों को भी बाहर कर दिया था। उसके बाद कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। एमओएच ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि किसी को नौकरी से नहीं निकला जाएगा। शनिवार को लगभग 30 टेक्निकल कर्मचारियों को निगम ने प्लांट में काम करने के लिए वापस रख लिया। कमिश्नर का कहना है कि ऑफिस स्टाफ को छोड़कर अन्य लोगों को अपने यहां रखने का प्रयास करेंगे।
विवाद बढ़ा तो फिर कचरा प्रोसेस की जिम्मेदारी किसकी
जेपी प्लांट के अधिकारियों ने कोर्ट से स्टे ले लिया है। वहीं, निगम सोमवार को फिर से कोर्ट जाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कचरा कौन प्रोसेस करेगा। शहर से निकलने वाले कचरे का पहाड़ फिर बढ़ता जाएगा। वहीं, सेक्टर 25, डड्डूमाजरा सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों की समस्या भी बढ़ेगी।