-कनाडा से आठ दिन पहले आए अमृतपाल ने मारी थी 114 वर्षीय मैराथन धावक को टक्कर, फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। टर्बन टॉरनेडो के नाम से मशहूर 114 वर्षीय फौजा सिंह को टक्कर मारने वाले एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों (26) को पुलिस ने देर रात गांव दासूवाल (करतारपुर) स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। अमृतपाल सिंह आठ दिन पहले ही कनाडा से लौटा था। पुलिस ने उसकी फॉर्च्यूनर गाड़ी भी बरामद कर ली है।
बुधवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसएसपी जालंधर (ग्रामीण) हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने कहा कि वह नहीं जानता था कि जिसे उसने टक्कर मारी है, वह कौन है। बाद में टीवी पर देखा तो पता चला। अमृतपाल ने पूछताछ में बताया कि उसका पासपोर्ट गुम हो गया है जिस कारण वह कनाडा वापस नहीं जा पाया। जो गाड़ी वह चला रहा था, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर थी। अमृतपाल की तीन बहनें और मां भी कनाडा में हैं। पिता की मौत हो चुकी है। उसके पास लाइसेंस है और वह कनाडा में लेबर की नौकरी करता है। उसके पास 2027 तक का वर्क परमिट है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर अन्य धाराएं भी जोड़ी हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अमृतपाल सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आरोपी ने कहा कि जब जालंधर-पठानकोट हाईवे पर उसने फौजा सिंह को टक्कर मारी तो गाड़ी बहुत तेज थी और ब्रेक मारना मुश्किल था। टक्कर मारने के बाद वह सीधे निकल गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मुकेरियां की तरफ से अपना फोन बेच कर लौट रहा था। आरोपी को पहले जालंधर आना था लेकिन हादसे के बाद वह गांवों के रास्ते से होते हुए घर चला गया। फौजा सिंह के परिवार के लोगों का कहना है कि उनके बेटे, बेटियां और अन्य रिश्तेदार कनाडा से आ रहे हैं। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गाड़ी के टूटे हिस्सों से जुटाई जानकारी
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि पुलिस ने फॉर्च्यूनर के कुछ टूटे हिस्से घटनास्थल पर मिलने के बाद उन्हें एजेंसी से चेक करवाया और गाड़ी का मॉडल पता लगने के बाद हाईवे के साथ गांव के कैमरे भी चेक किए। हमने मंगलवार शाम को गाड़ी ट्रेस कर ली। घटना के वक्त उस जगह से करीब 40 से ज्यादा गाड़ियां निकली थीं। जब हमने सीसीटीवी खंगाले तो फॉर्च्यूनर से वह हिस्सा गायब मिला जो हमें घटनास्थल से मिला था। इससे पुलिस को पुख्ता हो गया कि यह एक्सीडेंट इसी गाड़ी से हुआ है। जब हमने सीसीटीवी चेक करने का दायरा बढ़ाया तो गाड़ी का नंबर पता चला और आरोपी की पहचान की गई। नंबर से पता चला कि गाड़ी कपूरथला के अठौली गांव के रहने वाले वरिंदर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। जालंधर पुलिस की टीम कपूरथला रवाना हुई और वरिंदर तक पहुंचीं। वरिंदर सिंह से पूछताछ में पता चला कि कनाडा से आए एक एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने उसकी कार खरीदी थी।