रणजीत सागर बांध परियोजना पर एनडीआरएफ की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें बांध प्रशासन के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
इस दौरान बताया गया कि यदि भूकंप की स्थिति बन जाए तो उस समय क्या जरूरी उपाय करना चाहिए। मॉक ड्रिल के दौरान सबसे पहले भूकंप की जानकारी देने के लिए सायरन बजाया गया। इस मौके पर पीड़ितों के बचाव का अभ्यास किया गया। पीड़ितों को एकदम स्थानीय अस्पताल में भेजना तथा बांध प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को सूचित करना, जिला प्रशासन की ओर से अगली कार्रवाई के लिए एनडीआरएफ को बुलाना आदि मॉक ड्रिल का हिस्सा रहे।
इस मौके पर नागरिक सुरक्षा और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने अपना बचाव अभियान शुरू किया। लगभग तीन घंटे तक चली इस एक्सरसाइज में डैम प्रशासन के एसई हेड क्वार्टर नरेश महाजन, अधिशासी अभियंता विक्रांत आनंद, प्रेम सागर शर्मा, अजय रामपाल, अमित सलारिया, अभिषेक सैनी, रमनदीप सिंह, डीएसपी धारकला रविद्र सिंह रूबी, एसएचओ धारकला इंस्पेक्टर अमरीक सिंह, डीआरओ अरविंद प्रकाश वर्मा, डीएचओ डॉ. राजकुमार, डाक्टर विवेक, डाक्टर मनीष, डाक्टर रोहित, मेशा कुमार, संजीव कुमार, मनीमहेश शर्मा, जेजे सिंह, बलवीर सिंह, काबूल सिंह, अशोक शर्मा, संदीप कुमार रावल सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
फोटो:-5-आरएसडी पठानकोट में कर्मचारियों को भूकंप ने निपटने के गुर सिखाते एनडीआरएफ के जवान।