जिले की मंडियों में अब भी धान खरीद सही ढंग से नहीं हो पा रही। मंडियों में धान लेकर आए किसान पिछले छह-सात दिन से उचित दाम लगने के इंतजार में हैं। हालांकि मंडियों में एजेंसियां बेहद कम खरीद कर रही हैं।
उधर, मंडियों में आढ़ती इसी बात को लेकर अड़ गए हैं कि धान की खरीद तभी शुरू करवाई जाएगी, जब वह सही दाम पर होगी। नहीं तो मंडी से धान का एक भी दाना नहीं खरीद होने दिया जाएगा। शुक्रवार को एक भी बोरी की खरीद नहीं हो पाई। इसी तरह शनिवार को भी कमोवेश कुछ ऐसी ही स्थिति रही।
जिले में कई जगह पर पिछले दिनों चली आंधी व हुई बारिश के चलते धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। धान का रंग काला हो गया था तथा यह तय मानकों से अधिक डेमेज भी हो चुका है। ऐसे में खरीद शैलर मालिकों ने इसे अपने शैलरों में लगाने से मना कर दिया था। धान खरीद न होने के विरोध में वीरवार को आढ़तियों, मजदूरों व किसानों ने शैलर मालिकों के साथ मिलकर चंडीगढ़ चौक पर जाम लगा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को हालात यह रहे कि मार्केट कमेटी के तहत आते खरीद केंद्रों पर धान की एक भी ढेरी की खरीद नहीं हो पाई।
बेकार नहीं जाएगा संघर्ष : प्रधान
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनजिंदर वालिया कहते हैं कि सरकार को डैमेज व डिस्कलर के मानकों में राहत देनी चाहिए, ताकि किसानों की फसल इस तरह न बर्बाद हो। आढ़तियों, शैलर मालिकों व किसानों का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा।