एडिशनल सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत ने बुधवार को कत्ल के मामले में उम्र कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जानकारी के अनुसार थाना मैहना पुलिस को आठ अगस्त वर्ष 2012 को दी शिकायत में जसवंत राय सहगल निवासी नानक नगरी ने बताया था कि उनके बेटे संदीप सहगल की हत्या शांति नगर निवासी शाम कुमार उर्फ शामा व गोधेवाला निवासी गुरमुख सिंह उर्फ विक्की ने की है।
उन्होंने बताया कि उस दिन जब वह अपने बेटे की दुकान पर उसके दोस्त अमनदीप सचदेवा के साथ बैठे थे तो उनके बेटे संदीप सहगल ने मोबाइल फोन पर बताया कि वह गोधेवाला स्टेडियम के पीछे सीमेंट की दुकान पर आया है। जहां गुरमुख सिंह ने झगड़ा व मारपीट की। इसपर वह अपने दूसरे बेटे प्रदीप सहगल के साथ तुरंत स्कूटर से मौके पर पहुंचे। उन्हें देख गुरमुख सिंह व उसके साथी संदीप सहगल को एक सफेद रंग की कार में डालकर तेजी से लेे गए। उन्होंने भी स्कूटर से कार का पीछा किया।
मोगा-बरनाला रोड पर गांव बुघीपुरा मोड़ के पास सेम नाले के साथ जाते कच्चे रास्ते में उन्होंने कार मोड़कर उनके बेटे को सेम नाले में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। जब उन्होंने जाकर देखा तो संदीप के हाथ-पांच बंधे हुए थे और उसकी मौत हो चुकी थी।