‘जट्टा छड्ड दे आस तूं हुण इहना सरकारां तों, तू अन्नदाता जट्टा की लैणा इहना कावां दीयां डारां तो’ यह गीत इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसे मुक्तसर के गांव संगराना के युवक सतिंदर सिंह ने लिखा और गाया है।
सतिंदर ने बताया कि वह पेशे से सीमेंट विक्रेता हैं। इन दिनों किसानी का मुद्दा खूब गर्माया हुआ है। उन्होंने यही सोचकर किसानों को समर्पित यह गीत लिखा। उन्होंने किसानों को सरकारों की चाल में न आने की बात कहते हुए खुद ही अपने मुद्दों और मांगों के संबंध में कोई हल ढूंढने की बात पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं, मगर उनकी बेकद्री हो रही है।