फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सतलुज बैन पर बोले बिट्टू: फिल्म से जुड़ा दिलजीत का नाम और पैसा, पहले लोगों को नहीं था पता खालड़ा कौन?

Wed, 08 Jul 2026 07:12 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर

सार

सतलुज फिल्म के बैन पर बिट्टू ने कहा लोगों को मेरे खिलाफ बोलने के लिए कुछ न कुछ चाहिए इससे उनकी दुकानदारी चलती है। उन्होंने कहा किसी को इस फिल्म के बारे में कुछ नहीं पता।
विज्ञापन
मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण करने पहुंचे। बिट्टू ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह जालंधर कैंट से चुनाव लड़े थे और हम कैंट की गलियों में चुनाव के पोस्टर लगाते थे। वहीं, अब देश के पीएम मोदी जालंधर कैंट आयेंगे। उन्होंने कहा जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने पीएम मोदी खुद आयेंगे और 75 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन यहां से करेंगे। उन्होंने कहा फिलहाल पीएम मोदी विदेश दौरे पर हैं और अभी तक उनके यहां आने की तिथि 17 जुलाई निर्धारित की गई है। इसमें बदलाव भी किया जा सकता है। 
विज्ञापन




दिलजीत दोसांझ का नाम बड़ा तब हो रहा हंगामा 
सतलुज फिल्म के बैन पर बिट्टू ने कहा लोगों को मेरे खिलाफ बोलने के लिए कुछ न कुछ चाहिए इससे उनकी दुकानदारी चलती है। उन्होंने कहा किसी को इस फिल्म के बारे में कुछ नहीं पता। उन्होंने कहा यह फिल्म इसलिए देखी जा रही है क्योंकि दिलजीत दोसांझ जिसका दुनिया में बहुत बड़ा नाम है और वह इस फिल्म में आर्टिस्ट हैं। उन्होंने कहा कि किसी को खालड़ा साहब के साथ कोई लेना-देना नहीं है और न आज तक कोई खालड़ा साहब को जानता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व सीएम को लेकर कही ये बात
आज फिल्म की बात इसलिए हो रही है क्योंकि दिलजीत दोसांझ का नाम और पैसा फिल्म से जुड़ा हुआ। उन्होंने कहा नॉन पंजाबी, जिन्हें पंजाब के बारे में पता नहीं है वह सारे नौजवान इंस्टाग्राम और ट्विटर पर फिल्म के बैन को लेकर आपत्ति जता रहा हैं। उन्होंने कहा हर कोई मेरे बारे में इसलिए बात कर रहा है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री शहीद बेअंत सिंह उनके दादा हैं और उनकी परंपरा अमन शांति लेकर मैं आगे चल रहा हूं। मेरे दादा जी 1992 फरवरी में मुख्यमंत्री बने थे और 31 अगस्त 1995 को शहीद हुए थे। उससे पहले खालरा साहब के ऊपर कोई केस नहीं था और खालरा साहब को पुलिस ने कभी उठाया नहीं। 

आप पर बोला हमला 
खालड़ा साहब लगातार अज्ञात शवों का शमशान से डाटा तैयार करते थे। उनके परिवार पर भी कोई केस दर्ज नहीं था। वह लगातार कनाडा-अमेरिका जाते रहे। उनके खिलाफ कोई लुक आउट नोटिस जारी नहीं हुआ।  31 अगस्त 1995 को बेअंत सिंह शहीद हुए और 6 सितंबर को खालरा साहब को उठाया जाता है। तब तक तो उनके दादा जी की शहादत हो चुकी  थी और तब वह सीएम भी नहीं थे। इसमें उनका कैसे रोल होगा। उन्होंने पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर का नाम एफबीआई द्वारा बड़े रैकेट में लेने पर कहा कि जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आई कानून व्यवस्था कभी ठीक नहीं रही। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें