पठानकोट। सोमवार को माधोपुर ब्यास लिंक में नहाते हुए एक 18 वर्षीय युवक बह गया। 36 घंटे बीत जाने के बावजूद युवक का शव बरामद नहीं हुआ। वहीं, नहर का पानी बंद न होने से नाराज परिवार और मोहल्ला वासियों ने पठानकोट-अमृतसर स्टेट हाइवे जाम कर दिया। लोगों ने काठवाला पुल पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस के बार-बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। लगभग डेढ़ बजे लोगों ने धरना दिया और समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी धरना लगाकर बैठे थे।
लोगों ने पार्षद चरणजीत सिंह, विधायक अमित विज और पठानकोट प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। परिवार का कहना है कि जब तक नहर का पानी बंद नहीं किया जाता और उनके लड़के का शव नहीं मिलता तब तक धरना जारी रहेगा। ट्रैफिक बाधित होने के कारण विभिन्न राज्यों से पठानकोट आने वाले लोगों को घंटों भर जाम में फंसना पड़ा। हालांकि दोपहर 4 बजे के बाद वैकल्पिक मार्गों से वाहन चालकों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया।
मानिक की माता परमजीत कौर ने रोते हुए बताया कि तीन दिन से उनका बेटा पानी में डूबा है। वह इस दौरान विधायक, तहसीलदार, डीसी और एडीसी से मिले। उन्होंने सिर्फ नहर का पानी बंद करने की मांग की थी। लेकिन, अधिकारियों और नेताओं ने उनकी बात नहीं मानी। अधिकारी कहते हैं कि कुछ समय बाद शव खुद उतराकर पानी के ऊपर आ जाएगा। माता परमजीत ने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। सभी अधिकारियों के आगे गिड़गिड़ाने के बाद उन्होंने धरने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जब तक नहर का पानी बंद नहीं किया जाता और उनके बेटे का शव नहीं मिलता तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
फोटो : - 4 - पठानकोट-अमृतसर स्टेट हाइवे स्थित काठ वाला पुल पर धरना देते मानिक मेहरा के परिजन और मोहल्ला वासी।