मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की मानी हुई मांगों को लागू न करने पर पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की शुरू की गई कलम छोड़ हड़ताल तीसरे दिन वीरवार को भी जारी रही।
इस दौरान कर्मचारियों ने डीसी दफ्तर के सामने रोष रैली भी की। महासचिव हरजिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार कर्मियों की मांगों के प्रति गंभीरता दिखाने के बजाय टालमटोल की नीति पर उतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी 1 जनवरी से बकाया पड़ा 23 माह का भत्ता देने, नई भर्ती के समय 15 जनवरी 2015 का प्राथमिक वेतन देने का फैसला वापस लेने, साल 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पेंशन योजना का लाभ देने, छठे वेतन आयोग को गठित करके महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत मर्ज करने, निजी सहायक की पदोन्नति और अंतिम फैसला डीसी को देने की मांग कर रहे हैं।
वक्ताओं ने बताया कि वह 30 सितंबर की संगरूर रैली में भी सामूहिक छुट्टी लेकर शामिल होंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष वरिंदर ढोसीवाल, नछतर सिंह, सुरिंदर कुमार, जसपाल बजाज, नरिंदर कुमार, राजिंदर सिंह, राकेश कुमार, राजपाल सिंह, रजनी बाला, विपन कुमार, सतीश कुमार, ओमपाल, बंटी खुंगर, जगप्रीत सिंह, परमजीत सिंह, भूपिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, नसीब कौर, गुरदीप कौर, दविंदर कौर, कुलवंत कौर, दीपक सोनी और रूपेंद्र मौजूद थे।