शहर में लगातार चिकनगुनिया और डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। सिविल अस्पताल में वीरवार को डेंगू के 43 लोगों के टेस्ट किए गए, जिसमें से 31 लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। सिविल अस्पताल में हर रोज 350 से 400 मरीज चेकअप के लिए आ रहे हैं, जिससे डॉक्टरों की ओर से उनकी जांच करना भी मुश्किल हो रहा है।
सिविल अस्पताल में अकेले जालंधर से ही नही बल्कि फिल्लौर, गोराया, फगवाड़ा, आदमपुर, होशियारपुर, करतारपुर और मोगा समेत कई क्षेत्रों से मरीज पहुंच रहे हैं। इतनी संख्या में मरीजों के अस्पताल में पहुंचने से हालात यह हो गए हैं कि अस्पताल प्रबंधन को एक बेड पर 2 से 3 मरीजों को लेटाना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में टेस्ट करवाने वालों की संख्या भी काफी बढ़ गई है।
वहीं सिविल अस्पताल का सीवरेज सिस्टम एक महीने से खराब पड़ा हुआ है। बंद पड़े सीवरेज सिस्टम से गंदा पानी फैल कर ट्रामा सेंटर के बाहर भी पहुंच गया है। इस वार्ड के पास फैले गंदे पानी की वजह से अस्पताल में आ रहे लोगों का बीमारी की चपेट में आने का खतरा बन गया है।
सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला का कहना है कि जल्द ही इन सभी समस्याओं का हल कर लिया जाएगा। सिविल अस्पताल में फैले अव्यवस्था के आलम पर डीसी कमल किशोर यादव का कहना है कि वह इसको गंभीरता से लेते हुए सिविल प्रशासन को इसका हल करने को कहेंगे।