ऑरेंज से दोबारा रेड जोन में शामिल हुए पठानकोट के लोगों ने पहले ही दिन प्रशासन से मिली छूट का फायदा उठाया। बाजारों में आम दिनों की तरह भीड़ दिखाई दी। प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद मेन बाजार में दुकानों और सड़कों पर लोग वाहनों और पैदल घूमते दिखाई दिए। कुछ जगह पुलिस व प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना पड़ा। कहीं लोग बिना मास्क के बाहर निकलते दिखे तो कहीं बाजारों में शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ीं।
सिविल अस्पताल में भी मेडिकल बनवाने आए प्रवासी मजदूरों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाईं। हालात यह बने कि सिविल में मेडिकल करवाने आए लोगों की लाइन अस्पताल के बाहर भी 500 मीटर तक लंबी थी। बुधवार को सुबह बाजार ऐसे खुले जैसे कभी बंद हुआ ही न हो। जिला प्रशासन की ओर से सशर्त दुकानें खोलने और भीड़ इकट्ठा न करने लिए कहा गया था, लेकिन सुबह के 9 बजते ही शहर के सभी बाजार खुल गए। मुनियारी, करियाना, रेडिमेड और शू-स्टोर खोल दिए गए। देखते ही देखते बाजारों में भीड़ जुटने लगी तो खुद विधायक ने मोर्चा संभाला। विधायक अमित विज पुलिस टीम के साथ शहर की सड़कों पर पैदल निकले और लोगों को बिना वजह बाहर ननिकलने और दुकानदारों को भी शारीरिक दूरी बनाए रखने की अपील की।
मंदी से व्यापारी परेशान
व्यापार मंडल पठानकोट के जिला प्रभारी भारत महाजन ने कहा कि लोग सड़कों पर तो निकले पर दुकानों पर ग्राहक नहीं है। उन्होंने कहा कि छूट के पहले दिन सोचा था, ठीक ठाक व्यापार होगा। लोग सड़कों पर घूमते ही दिखे। दुकानों पर ग्राहक दिखाई नहीं दिए। संगठन के कई व्यापारियों से बातचीत में पता चला कि सभी दुकानों पर 5 से फीसदी ही धंधा हुआ है।
पठानकोट सिविल अस्पताल के मेन गेट तक लगी मेडिकल कराने आए प्रवासी मजदूरों की कतार। - फोटो : PATHANKOT