फिरोजपुर में आटो वालों ने सवारी न मिलने पर सब्जी बेचनी शुरू की।
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कोरोना के चलते लॉकडाउन की पैदा हुई स्थिति से छोटे व बड़े दुकानदारों पर बुरा असर पड़ा है। कर्फ्यू में ढील देने के बाद बाजार खुलने पर भी ग्राहक दुकानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंचने पर कई बड़े दुकानदारों ने कारों पर सामान लाद कर मुहल्लों व कालोनियों में आकर बेचना शुरू कर दिया है। लोग कोरोना बीमारी के चलते घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, सिर्फ करियाना व मेडिकल की दुकानों पर भीड़ देखने को मिलती है, बाकी दुकानदार दुकानें खोल कर ग्राहकों का ही इंतजार करते देखे जा सकते हैं, ऐसे दुकानदारों ने हालात से समझौता कर वाहनों पर सामान लादकर घर-घर जाकर बेचना शुरू कर दिया है।
छावनी बाजार स्थित बूट व चप्पलों की दुकान के मालिक सुरजीत सिंह कहते हैं कि जब से कर्फ्यू में ढील मिली है, तब से दुकान खोली है, लेकिन दुकान पर ग्राहक ही नहीं पहुंच रहा है। बाजार में लोगों की रौनक नहीं है, इसीलिए स्विफ्ट कार में बूट और चप्पलें रखकर मोहल्लों व कालोनियों में बेचना शुरू कर दिया है। सुरजीत कहता है कि आने वाले दिनों में हालात और खराब होंगे, इसीलिए हालात को देखते हुए घर-घर जाकर सामान बेचने का निर्णय लिया है, ऐसा नहीं करते तो दुकान पर पड़ा सामान नष्ट हो जाएगा। सुरजीत ने बताया कि दुकान पर महंगा बेचते थे लेकिन मजबूरी में अब सस्ता सामान बेचना पड़ रहा है।
शहर मेन बाजार स्थित लेडीज शोरूम के मालिक गुलशन कुमार बाइक पर महिलाओं के कुर्तें व अन्य सामान लेकर बेचने पर मजबूर हैं। गुलशन कहता है कि जिला प्रशासन ने डेढ़ माह बाद बाजार खोलने की छूट दी है परंतु बाजार में ग्राहक नजर नहीं आ रहा है, पिछले डेढ़ माह में उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। परिवार का पालन-पोषण की खातिर अब गलियों व मुहल्लों में सामान बेचना शुरू किया है और कई महिलाओं से उससे सामान खरीदा है।
करियाना दुकानदार अशोक कुमार ने बताया कि बस्ती टैंकावाली में बहुत से दुकानदारों ने अपनी करियाना दुकानों का सामान घरों में शिफ्ट कर लिया है। क्योंकि कर्फ्यू कब लग जाए कुछ नहीं पता है। लोग घरों से ही करियाना का सामान लेकर जा रहे हैं। कई ऐसे लोगों को भी देखा गया जो रिक्शा व आटो चलाते हैं, लेकिन अब रिक्शा व आटो पर सब्जी रखकर गलियों में बेच रहे हैं।