पंजाब के ट्रेवल एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कई विद्यार्थियों को यूके स्टडी वीजा पर भेज दिया। एजेंटों ने एक बार फिर काला कारानामा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख को बट्टा लगा दिया। यूके दूतावास ने ऐसे 66 विद्यार्थियों के नामों की सूची बनाकर भारतीय गृह मंत्रालय को भेजी, जिसकी बिनाह पर छह नामी ट्रेवल एजेंटों पर जालसाजी का नई बारादरी थाना में केस दर्ज किया गया है।
नई दिल्ली में मैट्रो स्टेशन के पास कोहाड़ एनक्लेव के रहने वाले अमरजीत सिंह उर्फ अमरदीप सिंह सन्नी, जालंधर पुलिस लाइन रोड स्थित वासल मॉल पहली मंजिल, ड्रीम ओवरसीज ट्रेवल एजेंट राज उर्फ राजिंदर सिंह खिंडा, पहाड़गंज नई दिल्ली के अमित मल्होत्रा, नई दिल्ली के मोहम्मद आसिम, शकूर बस्ती रानी बाग नई दिल्ली के अमरदीप सिंह व विशाल मेगा मार्ट फगवाड़ा के फर्स्ट फ्लोर स्थित ऑफिस के राजविंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि जालंधर देहात के संग ढेसिया जालंधर के अमनदीप सिंह व सिमरनजीत सिंह इंग्लैंड पहुंच चुके हैं। उनकी फाइल अमरजीत व सन्नी ने तैयार की थी। लैहंबर सिंह व उसकी पत्नी कृपाल, नेहा शर्मा निवासी पिपलांवाली होशियारपुर और अदनावाली कपूरथला के अंकुश की फाइल राज ट्रेवल एजेंट के राजिंदर खिंडा ने तैयार की। सुखजिंदरदीप निवासी कपूरथला की फाइल अमित मल्होत्रा ने तैयार की है। गुरप्रीत की फाइल मोहम्मद आसिम ने तैयार की। मनिंदर कुमार की फाइल रानीबाग दिल्ली की शकूर बस्ती के अमरदीप ने तैयार की। लिहाजा पुलिस ने यूके दूतावास की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
सवाल यह भी है कि कई लोग फर्जी दस्तावेज के जरिये इंग्लैंड पहुंच चुके हैं। अगर फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे तो फिर वीजा देने से पहले ढंग से जांच क्यों नहीं की गई? पुलिस ने इसमें एंबेसी के कुछ लोगों की मिलीभगत की भी आशंका जताई है। डीसीपी गुरमीत सिंह का कहना है कि पुलिस हर तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच करेगी।