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मनोज के परिवार को सीबीआई से उम्मीद की किरण

Tue, 31 May 2016 10:29 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/फरीदकोट
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supreme court
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पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय की तरफ से मंगलवार को दो साल पुराने फरीदकोट के मनोज कपूर अपहरण मामले की जांच सीबीआई के हवाले करने से उसके परिवार में इंसाफ की उम्मीद जगी है।
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मनोज की बहन नीतू कपूर ने कहा कि पंजाब पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते उसके भाई के मामले को सुलझाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी और कई तथ्यों की अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उनका परिवार घटना के अगले दिन से भी थाना कोतवाली के बाहर हर रोज धरना दे रहा था जिसे अब खत्म कर दिया जाएगा। 

जानकारी के अनुसार सरकारी बैंकों की एटीएम में पैसा भरने वाली एक निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कपूर का 25 मई, 2014 को अपहरण हो गया था। उसके पास जिले के कई बैंकों की एटीएम को खोलने का पासवर्ड था और अपहरण के कुछ घंटों के भीतर ही तीन मशीनों से 19 लाख रुपये चोरी होने की घटना भी सामने आई थी। इस केस में पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर काफी बवाल मचा रहा था और शहर के सामाजिक संगठनों ने इसके खिलाफ अपहरण कांड विरोधी एक्शन कमेटी का भी गठन किया। एक्शन कमेटी ने मनोज कपूर समेत जिले भर से लापता अन्य बच्चों व नौजवानों के मामलों को भी जोर शोर से उठाया और एक बार फरीदकोट शहर और एक बार जिला फरीदकोट मुकम्मल तौर पर बंद करवाया गया।
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हालांकि पुलिस की तरफ से मनोज कपूर मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया और पंजाब समेत अन्य राज्यों में भी पुलिस पार्टियों भेज कर मनोज की तलाश की गई लेकिन कोई सार्थक नतीजा सामने नहीं आया। पुलिस के ढीली कार्रवाई को लेकर मनोज की बहन नीतू कपूर ने 8 जुलाई 2014 को पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके इस केस को सीबीआई के हवाले करने की मांग रखी। इस याचिका की सुनवाई के दौरान ही 16 फरवरी 2015 को उच्च न्यायालय ने पुलिस को केस से संबंधित संदिग्ध लोगों को लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के आदेश दिए लेकिन 8 संदिग्ध लोगों के टेस्ट करवाने पर भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया।
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मंगलवार को उच्च न्यायालय के सीबीआई को केस सौंपने के आदेश पर मनोज कपूर के परिवार में इंसाफ की उम्मीद दिखाई दी है।
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