पंजाब में इस बार खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता भी मैदान में उतर रहे हैं। ये नेता खालिस्तान की मांग पर न केवल खुलेआम भाषणबाजी करते हैं, बल्कि तर्क भी करते हैं। वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खडूर साहिब से चुनाव लड़ने जा रहा है। उसकी मां बलविंदर कौर इसकी घोषणा कर चुकी है।
अमृतपाल इस समय डिब्रूगढ़ जेल में है। वह खुलेआम खालिस्तान की हिमायत व मांग करता है। अमृतपाल के पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि वह पंजाब के मुद्दों को अच्छी तरह से जानता है और चुनाव चुनाव उन्हीं मुद्दों पर लड़ा जाएगा।
शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्यारोपी जेल में बंद संदीप सिंह भी आजाद रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुका है। कई कट्टरपंथी नेताओं ने संदीप के घरवालों से मुलाकात के बाद फैसला लिया है।
खालिस्तान की खुलेआम मांग करने वाले सिमरनजीत फिर मैदान में हैं। सांसद मान संगरूर से उपचुनाव जीतकर सांसद बने थे। वह हिंदुस्तान से खालिस्तान के अलग देश की मांग करते आ रहे हैं। सांसद बनने के बाद भी उनके विचार व मांग बरकरार है।