अबोहर। एक ओर तो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू आए दिन लोगों को अपना टेस्ट और वैक्सीनेशन करवाने की अपील कर रहे हैं लेकिन अबोहर के सरकारी अस्पताल में वैक्सीन तथा कोरोना मरीजों को मिलने वाली फतेह किट की भारी कमी चल रही है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोविड मरीजों का कहना है कि सरकारी तौर पर भेजी जाने वाली फतेह किट न मिलने से उन्हें प्राइवेट तौर पर मंहगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना की वैक्सीनेशन शुरू होते ही सबसे पहले सरकारी अस्पताल में टीकाकरण शुरू हुआ। अस्पताल के एक ही परिसर में टीकाकरण और कोविड टेस्ट दोनों ही कार्य होने से लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था। इसलिए सरकारी अस्पताल की बजाए सरकारी कन्या स्कूल में टीकाकरण सेंटर बना दिया। इसके साथ ही शहर के कई अन्य स्थानों पर भी टीकाकरण केंद्र बनाए गए जहां बड़ी संख्या में लोगों ने टीकाकरण करवाया। अब पिछले करीब एक सप्ताह से वैक्सीन की भारी कमी आ रही है जिससे सभी टीकाकरण केन्द्रों पर ताले लगे हैं।
हैरानी की बात यह है कि शुरू शुरू में कोविशील्ड और को-वैक्सीन दोनों कंपनियों के टीके लगाए जा रहे थे, लेकिन अब पिछले करीब एक माह से को-वैक्सीन का टीका अबोहर में नहीं आ रहा जिससे एक से डेढ़ माह पूर्व को-वैक्सीन लगवाने वालों को दूसरी खुराक नहीं मिल रही। इतना ही नहीं अब तक दोनों कंपनियों के टीके खत्म हो चुके हैं जिससे बड़ी संख्या में टीका लगवाने वाले लोग टीकाकरण सेंटरों से वापस आ रहे हैं।
वहीं कोविड मरीजों को दी जाने वाली कोरोना फतेह किटों की भी भारी किल्लत है। शुक्रवार को सरकारी अस्पताल में मात्र 60 मरीजों को फतेह किटें मिली जबकि अन्य मरीज बिना किटों के ही वापस लौट गए। इन लोगों का कहना है कि पंजाब सरकार कोविड से निपटने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। लोग निजी तौर पर अपना उपचार करवाने को मजबूर हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र ही दोनों कंपनियों की वैक्सीन अबोहर में भेजने की अपील की है ताकि लोगों को पहली और दूसरी खुराक मिल सके। इस बारे में एसएमओ डा. गगनदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने वैक्सीन और फतेह किटों के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया है और शीघ्र ही अबोहर में वैक्सीन और फतेह किट उपलब्ध हो जाएगी।