शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अधीन गुरु नानक कॉॅलेज में वीरवार को कृष्ण अष्टमी की छुट्टी न करने पर विवाद खड़ा हो गया। वाल्मीकि समाज और अन्य हिंदू जत्थेबंदी नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन के पास रोष जाहिर किया।
इसके बाद कॉलेज में छुट्टी कर दी गई। कॉलेज प्रबंधन ने इस विवाद के लिए एक महिला लेक्चरर को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद महिला लेक्चरर भी अपनी बीकॉम कक्षा के विद्यार्थियों के साथ कॉलेज गेट के आगे डट गईं।
इस दौरान माहौल तनावपूर्ण होने पर गेट बंद कर दिया गया।
सिटी पुलिस प्रमुख इंस्पेक्टर जसवरिंदर सिंह से बातचीत के बाद कॉलेज प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। वाल्मीकि समाज के नेता अशोक सफरी ने कहा कि गुरु नानक कॉलेज में कृष्ण अष्टमी की छुट्टी न करने पर रोष जाहिर किया गया।
उन्होंने कहा कि चाहे यह कॉलेज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अधीन है, लेकिन कॉलेज में सभी वर्ग से संबंधित विद्यार्थी पढ़ते हैं। इस मौके छात्रों ने कहा कि उन्हें वीरवार को कॉलेज में छुट्टी न होने के बारे में कहा गया था। प्रिंसिपल डॉ. जतिंदर कौर ने कहा कि शुक्रवार को कॉलेज में तीज का समागम रखा गया है। इसकी रिहर्सल व अन्य तैयारियां चल रही हैं। इसलिए कृष्ण अष्टमी की छुट्टी से संबंधित कॉलेज स्टाफ वाट्सऐप ग्रुप में मेसेज डाला गया था।
प्रिंसिपल के अनुसार समागम होने की वजह से कॉलेज खुला रखने का निर्णय लिया गया था, लेकिन किसी स्टाफ ने छुट्टी करनी होगी तो वह कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह मेसेज विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच सका। समागम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को छोड़कर बाकी विद्यार्थियों को छुट्टी कर दी गई। उन्होंने इस विवाद के लिए महिला लेक्चरर को कसूरवार बताया।
थाना सिटी प्रमुख इंस्पेक्टर जसवरिंदर सिंह ने कहा कि विद्यार्थी वर्ग को गुमराह कर प्रिंसिपल डॉ. जतिंदर कौर के खिलाफ भड़काया गया था। उन्होंने कहा कि शांतिमई माहौल में प्रिंसिपल की ओर से विद्यार्थियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का भरोसा देने के बाद मामला निपट गया है।