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62 की उम्र में पद्मश्री करतार पहलवान में जवानों का जोश

Thu, 23 Jul 2015 10:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जालंध्ार
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कुछ कर दिखाने की हिम्मत होनी चाहिए, बढ़ती उम्र में भी मुकाम हासिल हो सकते हैं। 62 साल की उम्र वाले पद्मश्री पहलवान करतार सिंह में जवानों का जोश है। उन्होंने कुश्ती खेलना नहीं छोड़ा बल्कि हररोज सुबह सेंटर में जाकर अभ्यास भी करते हैं। इसका नतीजा है कि वह वर्ल्ड रेसलिंग वैटर्न चैंपियनशिप में 16 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। करतार सिंह की उपलब्धियों को देखते राज्य सरकार के खेल विभाग ने उन्हें 2.50 लाख रुपये की इनाम राशि देकर सम्मानित किया है। एलपीयू में 16 जुलाई को हुए सम्मानित समारोह में डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने करतार पहलवान को इनाम राशी भेंट की।
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जालंधर के चीमा नगर के रहने वाले करतार पहलवान सुबह 6 बजे पीएपी के अंदर एमएस भुल्लर स्टेडियम में चल रहे कुश्ती सेंटर में पहुंच जाते हैं। फिर एकेडमी में आने वाले खिलाड़ियों के साथ ही कुश्ती का अभ्यास करते हैं। करतार पहलवान की बाजूओं में अब भी इतना दम है कि वह युवा पहलवानों को भी पटकनी देने मेें सक्षम हैं। वह वन राउंड रनिंग और स्ट्रेचिंग करने के बाद शरीर को रिलेक्स भी करते हैं।



पीएपी में ही करतार पहलान कुश्ती की एकेडमी चला रहे हैैं। इसमें करीब 70 पहलवानों को ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वह कुश्ती की प्रैक्टिस को कभी नहीं छोड़ते हैं। अगर शहर के बाहर भी होते हैं तो वहां पर भी सुबह जल्दी उठ कर एक्साइज करते है हैं। करतार पहलवान एशियन गेम्स में दो बार गोल्ड और एक बार सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में एक सिल्वर और ब्राउंज मेडल जीता है। खुद को फिट रखने का राज बताते पहलवान करतार सिंह नेे कहा कि वह सप्ताह में एक दिन में सोना बाथ और दो दिन जिम भी करते हैं। इससे शरीर की मांसपेशियां पूरी तरह से तंदरुस्त रहती हैं। जिम में लाइट वेट एक्साइज करते है।
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खाने में टेस्ट नहीं गुणवत्ता का रखते हैं ध्यान
पहलवान करतार सिंह ने कहा कि उनके खाने में कोई मनपसंद चीज नहीं है। वह तो केवल खाने की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हर सब्जी और दाल खाते हैं। ज्यादातर सीजन की सब्जियों को खाना अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि अब नॉनवेज को खाना कम कर दिया है। लहसुन और अदरक अधिक खाने के शौकीन करतार पहलवान की दाल को अलग से तड़का लगाया जाता है।


खिलाड़ियों को जीतने के बाद ही मिले इनाम राशी
पहलवान करतार सिंह ने कहा कि जब खिलाड़ी जीतकर आते हैं उन्हें उसी समय इनाम राशि देनी चाहिए। पांच-पांच साल की राशि को एक साथ में देना सही नहीं है। एलपीयू में हुए सम्मानित समारोह में इनाम मिलने से वह बेहद खुश हैं, मगर यह इनाम पांच साल बाद देने की बजाए हर साल मिलते रहने चाहिए।
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