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पूर्व कांग्रेसी पार्षद डिप्टी और मंड अदालत में पेश

Thu, 23 Jul 2015 10:15 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जालंध्ार
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कपूरथला की माडर्न जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत पैंथे पर गोली चलाने के मामले में पुलिस टीम पटियाला जेल से कैदी पूर्व कांग्रेसी पार्षद सुखमीत सिंह डिप्टी और जतिंदर मंड को प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। दोनों को वीरवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
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हाल ही में पुलिस टीम का मुकाबला सुक्खा भाऊ गैंग से भी हुआ था। इसमें जालंधर में मुठभेड़ के दौरान एएसआई जगदेव सिंह के पेट में गोली भी लगी थी। जांच अधिकारी ने दावा किया था कि सुक्खा भाऊ के साथी सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह ने ही विक्रमजीत पैंथे को गोली मारी थी। बाद में पुलिस अधिकारी एसीपी हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि गोली चलाने की घटना अचानक हुई वारदात थी। फतेह व सुक्खी विधीपुरिया गाड़ी लूटना चाहते थे। उन्होंने इनोवा देखकर पैंथेे पर गोली चलाई थी।


इस बीच डीएसपी विक्रमजीत पैंथे को एक कॉल भी आई। फोन करने वाले ने कहा कि उस पर हमला करवाने में कांग्रेस के पूर्व पार्षद सुखमीत सिंह डिप्टी और जतिंदर मंड का हाथ है। पैंथे ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दे दी थी। एसीपी रविंदरपाल संधू का कहना है कि जिस दिन पैंथे पर कातिलाना हमला हआ, उस दिन सुक्खा भाऊ जेल के बाहर ही खड़ा था। जांच में स्पष्ट हो चुका था कि पैंथे जब इनोवा लेकर निकले तो सुक्खा भाऊ जेल के बाहर खड़ा था। पुलिस को केस संबंधी कई जानकारियां मिल रही हैं। इनको पुख्ता करने के लिए डिप्टी व मंड को जांच के लिए जेल से लाया गया है।
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मिक्की अपहरण केस में काबू किया गया था डिप्टी
सुखमीत डिप्टी देहाती युवा कांग्रेस के प्रधान और कांग्रेस का पार्षद भी रह चुका है। 2008 में फिल्म डिस्ट्रिब्यूटर मिक्की अपहरण केस में डिप्टी व उसके साथियों को काबू किया था। 2008 में डिप्टी ने अपने साथियों के साथ फिल्म प्रोड्यूसर के बेटे मिक्की को अगवा कर लिया था। उसे कई घंटे कार की डिक्की में बंद रखकर फिरोती वसूली थी। डिप्टी पहले कपूरथला जेल में था, लेकिन जनवरी 2014 में उसे विक्रमजीत पैंथे पर हमले की साजिश रचने के आरोप में पटियाला जेल शिफ्ट कर दिया गया था। उस समय कपूरथला जेल के अंदर ही यह योजना बनाई गई थी कि जब विक्रमजीत पैंथे जेल के भीतर चक्कर लगाने के लिए आए तो उन पर लोहे की राड से हमला कर जान से मार दिया जाए।
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