माडर्न जेल में कैदियों की बढ़ती आत्महत्याओं से जेल प्रशासन सकते में है।
इनका कारण तलाशने के लिए डीआईजी जेल आरपी मीणा और आईजी जेल जगजीत सिंह ने
सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र को एनजीओ के साथ कैदियों की स्क्रीनिंग
करने की जिम्मेदारी सौंपी हैं।
नशा छुड़ाओ केंद्र कपूरथला के मनोचिकित्सक
डॉ. संदीप भोला और एनजीओ शुरुआत द बिगनिंग के सदस्यों ने मॉडर्न जेल के नशा
छुड़ाओ केंद्र में बंद कैदियों में से 100 की स्क्रीनिंग की और उनसे
वार्तालाप करके एक प्रश्नावली भरवाई गई। संस्था के 12 सदस्यों ने हर कैदी
से 15-20 मिनट बातचीत की।
इस काम में एसपी जेल परमजीत सिंह संधू, डिप्टी
एसपी विक्रमजीत सिंह पांथे और जेल में तैनात डॉ. अभिषेक ने सहयोग किया।
एनजीओ के बिमल गुप्ता, वरिंदर गुप्ता, राजपाल शर्मा, रविंदर सूरी, अश्विनी
कुमार, प्रो. प्रभजोत सिंह, डॉ. हरजीत सिंह, विशाल शर्मा, गुरविंदर सिंह,
अनिल कुमार और चंदन पुरी ने कैदियों से बातचीत की। मनोचिकित्सक डॉ. संदीप
भोला ने बताया कि आईजी जेल के आग्रह पर यह मुहिम शुरू की गई है।