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जांच और बयान दर्ज करने डमटाल थाना पहुंचे कांगड़ा कोर्ट एसीजेएम

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एक नवंबर को डमटाल पुलिस थाना लॉक अप में चिट्टे के आरोपी द्वारा फंदा लगाकर खुदकुशी करने के मामले में न्यायिक जांच करने के लिए शनिवार को हिमाचल के कांगड़ा कोर्ट के एसीजेएम विवेक शर्मा डमटाल पुलिस थाना में पहुंचे। इस दौरान मृतक की पत्नी और उसके परिजनों को न्यायिक जांच के दौरान बुलाया गया और उनके बयान कलमबद्ध किए गए। डमटाल पुलिस थाना में शनिवार सुबह 10 बजे से लेकर शाम तक न्यायाधीश विवेक शर्मा ने परिसर में बनी हवालात (जहां मृतक आकाश ने बने रोशनदान में कंबल से फंदा लगा खुदकुशी कर ली थी) का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। इस दौरान उन्होंने पुलिस थाना में बारीकी से जांच की। पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के बयान भी कलमबद्ध किए। डमटाल पुलिस थाना पहुंचे मृतक के परिजनों ने सुबह ही डेरा जमा लिया। न्यायाधीश ने मृतक की पत्नी पल्लवी, बहन रोमा और रिश्तेदार रणजीत सिंह, विशाल, कुलविंदर के बयान कलमबद्ध किए। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने हवालात में आकाश को टॉर्चर किया। जिस कारण उसकी मौत हुई है। आकाश को झूठे मामले में फंसाया गया था। परिवार ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा पकड़ी गई एक्सयूवी गाड़ी के मालिक को पुलिस बचा रही है। परिजनों ने पुलिस पर कई संगीन आरोप लगाए और आकाश की मौत के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग रखी। अधिकारियों ने बताया कि मृतक आकाश का पोस्टमार्टम टांडा मेडिकल कॉलेज में पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जिसमें मेडिकल कॉलेज मंडी, मेडिकल कॉलेज चंबा और मेडिकल कॉलेज टांडा के विशेषज्ञों ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वीडियो रिकॉर्डिंग द्वारा किया गया था। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विभाग की रिपोर्ट ओर पुलिस विभाग की रिपोर्ट आने के बाद इस जांच में एकत्र हुए सब रिपोर्ट्स के आधार पर अंतिम रिपोर्ट बना ह्यूमन राइट्स कमीशन (मानव अधिकार आयोग) को इसकी रिपोर्ट प्रेषित कर इस मामले में दोषी पाएजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई लाने हेतु भेजी जाएगी।
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मामले पर एक नजर
बता दें कि एक नवंबर को डमटाल पुलिस थाना में चिट्टे सहित पकड़े गए आरोपी आकाश ने पुलिस थाना की हवालात में फंदा लगा खुदकुशी कर ली थी। मृतक के परिजनों ने डमटाल पुलिस थाना में जमकर हंगामा किया गया था और पत्थरबाजी कर पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था। मौके पर पहुंचे एसपी कांगड़ा ने प्रारंभिक जांच के दौरान 2 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर इस कांड में न्यायिक जांच करवाने के लिए मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया था।
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