सिविल अस्पताल में हुई एक युवक की मौत के बाद शुक्रवार को मृतक के परिजनों सेहत विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए बाजाखाना चौक में सड़क पर जाम लगा दिया। करंट लगने से झुलसे युवक शशि कुमार को सिविल अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि सिविल अस्पताल में समय पर डॉक्टर के न मिलने की वजह से इलाज में हुई देरी के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
परिजनों ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, 20 लाख का मुआवजा व आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने समेत अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को पूरा किए जाने की मांग की है। मौके पर पहुंचे डीएसपी जसवंत सिंह गिल और नायब तहसीलदार राजिंदर पाल सिंह ने प्रदर्शनकारियों को मनाने का प्रयास किया और उनके विफल रहने पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. सुनील अग्रवाल ने मतृक की पत्नी को ठेके पर दर्जा चार कर्मचारी की नौकरी देने व सोमवार से जैतो में दो डॉक्टरों की तैनाती करने का लिखित भरोसा देकर उनका गुस्सा शांत करवाया।
प्रदर्शन में राकेश घोचा, शिवसेना नेता निशान सिंह ठेठी, आप नेता डॉ. हरीशचंद्र, मनीष डोड, मनजिंदर जीत सिंह, कांग्रेस के दर्शन कुमार गर्ग, रणबीर चंद्र पवार, पार्षद विकास डोड, भाकियू नेता नैब सिंह भगतुआना, गोमुख सहारा लंगर कमेटी व नौजवान वेलफेयर सोसायटी के सदस्य भी शामिल हुए।