जालंधर। जालंधर में कोरोना रोगियों को लगने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले युवक को जालंधर की युवती रीमा गुगलानी ने बेनकाब कर दिया है। जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है वहीं डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने रीमा गुगलानी को 25 हजार का चेक देकर पीठ थपथपाई और बोले वेलडन मैडम।
मेडिकल लाइन में काम कर चुके आरोपी लव ने रीमा गुगलानी नाम की महिला के साथ इसकी सौदेबाजी की थी। इसकी शिकायत उन्होंने डिप्टी कमिश्नर को भेज दी। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर को केस दर्ज करने के लिए कहा गया था।
रीमा गुगलानी ने आरोप लगाया था कि उन्हें दोस्त के ससुर के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर मदद मांगी। उसे देखकर लव मेहरा ने उनसे संपर्क किया। इसमें उसने कहा कि उसके पास 3 इंजेक्शन हैं। एक इंजेक्शन का रेट 3,400 रुपये है, वो 5,600 के हिसाब से देगा। इसी दौरान इंजेक्शन कहीं और से मिल गया। रीमा गुगलानी का आरोप था कि इसके बाद लव मेहरा उसे धमकाने लगा। इसके बाद उन्होंने उसके साथ हुई चेटिंग समेत सभी सबूत डिप्टी कमिश्नर के वॉट्सएप पर भेज दिए।
डीसी ने इस शिकायत पर एडीसी से जांच करवाई। डीसी के आदेशों पर पुलिस ने आरोपी लव मेहरा के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के आदेश उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। डीसी घनश्याम थोरी ने लोगों से अपील की कि अगर किसी को भी ऑक्सीजन, इंजेक्शन आदि की ब्लैक मार्केटिंग का पता चलता है तो उन्हें मोबाइल नंबर 9888981881, 9501799068 पर वॉट्सएप के जरिये सबूत समेत बताया जाए। अगर केस दर्ज हुआ तो वो 25 हजार का इनाम भी देंगे। शुक्रवार को डीसी घनश्याम थोरी ने रीमा गुगलानी को कार्यालय में बुलाया और अपनी तरफ से 25 हजार का इनाम दिया। डीसी ने कहा कि रीमा ने एक उदाहरण पेश किया है, लोगों को दवाओं की हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए आगे आना चाहिए, उनकी तरफ से हर संभव मदद की जाएगी।