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बरगाड़ी बेअदबी ः अदालत ने तीन डेरा अनुयायियों का रिमांड बढ़ाया

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बरगाड़ी बेअदबी मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे डेरा सच्चा सौदा सिरसा के छह अनुयायियों में से तीन का अदालत ने 24 मई तक पुलिस रिमांड बढ़ा दिया, जबकि कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचाराधीन तीन अनुयायियों का रिमांड खत्म करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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पंजाब पुलिस की एसआईटी ने बरगाड़ी बेअदबी प्रकरण में नए सिरे से कार्रवाई करते हुए बीते रविवार को गांव बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पावन स्वरूप की बेअदबी करने की घटना में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के फरीदकोट जिले से संबंधित छह डेरा अनुयायियों कोटकपूरा निवासी सुखजिंदर सिंह सन्नी कंडा ,रणजीत सिंह, निशान सिंह व प्रदीप सिंह के अलावा गांव डग्गो रोमाना निवासी शक्ति सिंह व गांव सिखांवाला निवासी बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया था, जिन्हें सोमवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश कर 21 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का कोरोना टेस्ट करवाया गया था, जिनमें सुखजिंदर सिंह, बलजीत सिंह व निशान सिंह की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद तीनों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। रिमांड खत्म होने के चलते एसआईटी ने बाकी तीन आरोपियों शक्ति सिंह, रणजीत सिंह व प्रदीप सिंह को शुक्रवार को अदालत में पेश किया और रिमांड बढ़ाए जाने की मांग की, जिस पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद अदालत ने उन्हें 24 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इसके अलावा अस्पताल में दाखिल आरोपियों को 1 जून तक न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए, ताकि उनका उपचार हो सके। बचाव पक्ष के वकील विनोद कुमार मोंगा ने कहा कि तीन आरोपियों के कोरोना संक्रमित आने के बाद बाकी तीन आरोपियों को भी नियमानुसार क्वारंटीन किया जाना चाहिए था, लेकिन पंजाब पुलिस व सरकार ही नियमों की अवहेलना कर रही है। उन्हें दोबारा रिमांड पर लिया जाना चाहिए था।
एसआईटी पर कबूलनामे का दबाव डालने के आरोप, सरकार को नोटिस
उधर, बरगाड़ी बेअदबी केस में गिरफ्तार डेरा अनुयायियों की तरफ से अदालत में एक आवेदन देकर पंजाब पुलिस की एसआईटी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डेरा अनुयायियों का आरोप है कि रिमांड के दौरान उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस घटना का कबूलनामा कर लें, वरना उनका हश्र भी नाभा जेल में मारे गए डेरा अनुयायी महिंदरपाल बिट्टू जैसा होगा। बचाव पक्ष के वकील विनोद कुमार मोंगा ने कहा कि इस घटनाक्रम में एसआईटी पिछले साल भी डेरा अनुयायियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है और उस समय भी आरोपियों से कुछ बरामद नहीं हुआ था। चार दिन के रिमांड में भी कुछ नहीं मिला है। ऐसे में अपनी झूठी कार्रवाई को सच्ची साबित करने के लिए डेरा अनुयायियों व उनके परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे घटना में अपनी शमूलियत कबूल कर लें। इस आवेदन पर अदालत ने सरकार व एसआईटी को नोटिस जारी करते हुए 24 मई तक जबाव देने के आदेश दिए हैं।
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