जालंधर के कस्बा शाहकोट थाने में नाै अप्रैल को केस नंबर-90 दर्ज किया गया था। जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस और एक्साइज टीम ने दावा किया था कि गांव दौलतपुर ढड्डा निवासी अकरम के घर रेड कर 35 लीटर लाहन बरामद की गई। लेकिन अब सामने आई सीसीटीवी फुटेज पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल उठा रही है।
फुटेज में दिखाई देता है कि एक सिल्वर रंग की इकोस्पोर्ट गाड़ी से पुलिसकर्मी खुद नीला ड्रम उतारकर घर के अंदर ले जा रहे हैं। ड्रम खाली नहीं था, क्योंकि उसे दो लोग मिलकर उठा रहे थे। कुल 7 पुलिसकर्मी 4 वर्दी में और 3 सादे कपड़ों में कैमरे में कैद हुए। महज 13 मिनट के भीतर कार्रवाई दिखाकर ड्रम को सील कर वापस गाड़ी में रख लिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस समय रेड हुई, उस वक्त आरोपी अकरम घर पर मौजूद नहीं था।
दर्ज केस में उल्लेख है कि एक्साइज स्टाफ के एएसआई की सूचना पर टीम ने तूड़ी वाले कमरे से 35 लीटर लाहन बरामद की और आबकारी एक्ट की धारा-61 के तहत केस दर्ज किया। वहीं, गांव वालों का कहना है कि अकरम एक मजदूर और सियासी कार्यकर्ता है, जिस पर पहले भी दो मामले दर्ज हैं।
मामला तूल पकड़ने के बाद एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह, एएसआई सुखविंदर सिंह और महिला सिपाही हैवनप्रीत कौर को लाइन हाजिर कर दिया है। इससे पहले डीआईजी जालंधर रेंज नवीन सिंगला ने जांच के आदेश देते हुए एसएसपी से रिपोर्ट तलब की थी। मामले की जांच एसपी इन्वेस्टिगेशन विनीत अहलावत को सौंप गई है। एसएसपी ने कहा कि डीएसपी शाहकोट के मुताबिक टीम अवैध शराब रिकवरी के लिए बाहर से कंटेनर मंगवा कर लेकर गए थे। इसमें कितनी सच्चाई है इसकी जांच की जा रही है।