जालंधर। मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती है। किसी शायर की यह लाइनें बहुत लोगों ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन जालंधर की एपीजे कॉलेज की दवलीन ने इसे जीवन जीने का तरीका बना लिया। लॉकडाउन के समय डिप्रेशन में जूझने वाली दलवीन ने ऑनलाइन केक बनाना सीखकर अपना बिजनेस शुरू किया और आज उनके केक के चर्चे दूर-दूर तक होते हैं।
एपीजे कॉलेज की बीए सेमेस्टर दो की छात्रा दवलीन ने बताया कि बीए की परीक्षा में वह एक विषय में फेल हो गई थी। इसके कारण वह अवसाद में चली गई थी और फिर लॉकडाउन लग गया। जिंदगी और नीरस हो गई। इसी दौरान ऑनलाइन केक बनाना सीखा। शुरुआती दौर में केक बहुत बुरे बने लेकिन केक बनाने का क्रम जारी रहा। सोशल मीडिया का सहारा लेकर व्यापार को बढ़ाया, धीरे-धीरे करके केक के बड़े आर्डर आने लगे। अब फेसबुक व इंस्टाग्राम में ‘वैक्यूल्स’ नाम का एक पेज भी बनाया है। उसमें केक बनाने की विधि और उसकी डिजाइन के बारे में जानकारी देती हूं। पढ़ाई नहीं छोड़ी और दोबारा कॉलेज जाना शुरू कर दिया। शिक्षा के साथ अब कारोबार में भी ध्यान दे रही हूं।