माडर्न जेल में बैठे गैंगस्टर ने मोबाइल कम्यूनिकेशन के जरिये डिप्टी जेल
सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत सिंह पांथे पर हमले की साजिश रची थी। जेल प्रशासन
को सात-आठ गैंगस्टर्स पर शक है। सभी के खिलाफ एसपी जेल अपने स्तर पर जांच
में जुट गए हैं।
जेल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को घटना की पूरी रिपोर्ट
तैयार करके भेज दी है। जालंधर पुलिस भी इस मामले पर पूरी नजर बनाए हुए है।
एसपी जेल ने गैंगस्टर्स के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन उन्होंने साफ
संकेत दिए हैं कि पूरा घटनाक्रम जेल के अंदर से ही संचालित हुआ है। जालंधर
में उपचाराधीन डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पांथे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार
हो रहा है।
डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत पांथे पर हमले के पीछे
के किंगपिन को ढूंढने के लिए जेल प्रशासन ने कमर कस ली है। सात-आठ खूंखार
हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर्स की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। एसपी जेल परमजीत
सिंह संधू ने माना कि इनमें से किसी ने रंजिशन डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर
हमले करने के लिए मोबाइल से योजना बनाई है। इस पहलू से भी अपनी जांच को आगे
बढ़ाया जा रहा है।
कुछ दिनों पहले डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और कैदियों के
बीच हुई खटपट पर उन्होंने कहा कि सख्ती के बिना खूंखार कैदियों पर काबू
नहीं पाया जा सकता। यह तो काम का हिस्सा है। अगर जेल प्रशासन कैदियों से ही
खौफ खाने लगे तो काम कैसे चलेगा। जेल में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए
सख्ती से पेश आना बहुत जरूरी है। इस मामले की जांच रिपोर्ट जेल
उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
शनिवार देर रात मॉडर्न जेल के डिप्टी
सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत सिंह पांथे अपने परिवार के साथ इनोवा गाड़ी में
जालंधर से शॉपिंग करके वापस आ रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी बस्ती बावा खेल
से आगे बढ़ी तो वहां पर पहले से मौजूद दो बाइक सवार व्यक्तियों ने उनकी
गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इनमें से एक गोली पांथे की जांघ पर
लगी। वह खुद गाड़ी चलाकर घई अस्पताल पहुंचे। एसपी जेल संधू के अनुसार पांथे
के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उनकी टांग में फ्रेक्चर है। एक-दो दिन
में उनको छुट्टी मिल जाएगी।
सुरक्षा में जेल कर्मियों की कमी
एसपी
जेल संधू ने कहा कि मॉडर्न जेल में जेल स्टाफ और कैदियों की सुरक्षा में
कर्मचारियों की कमी अड़चन बन रही है। इस समय जेल में 3874 कैदी बंद हैं,
जबकि जेल की क्षमता 2760 कैदी रखने की है। इनकी सुरक्षा के लिए सभी
पैरामिलिट्री फोर्सेस को मिलाकर 200 कर्मी तैनात हैं। उनके पास करीब 600 का
स्टाफ होना चाहिए। तैनात कर्मियों में से करीब 175 तो पचास साल से ऊपर के
हैं और 25 की आयुसीमा 35 से 40 के बीच है। 2016 में 28 कर्मी रिटायर होने
वाले हैं। इससे सुरक्षा का दबाव और बढ़ेगा। इतने कम कर्मियों के दम पर
चाक-चौबंद सुरक्षा प्रबंध नामुमकिन हैं। एसपी ने बताया कि मानवाधिकार आयोग
के अनुसार छह कैदियों के पीछे एक वार्डन तैनात होना चाहिए।
जेल की कमी का जल्द होगा समाधान : जेल मंत्री
मॉडर्न
जेल में व्याप्त कमी का जल्द समाधान किया जाएगा। इससे स्टाफ को काफी राहत
मिलेगी। डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत सिंह पांथे पर हमले की घटना
निंदनीय है। यह मामला उनके संज्ञान में है। अभी इसकी जांच चल रही है।
सोहन सिंह ठंडल, जेल मंत्री पंजाब