लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित भारत के अंतरराष्ट्रीय राष्ट्र एकीकरण आंदोलन सम्मेलन 2025 के दौरान ज्ञान, लीडरशिप और कल्चर का शानदार उत्सव देखने को मिला। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के 2 हजार से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया और एलपीयू कैंपस को विचारों, कूटनीति और सहयोग के एक जीवंत केंद्र में बदल दिया। इसमें भारत के "वसुधैव कुटुम्बकम" विश्व एक परिवार है के शाश्वत दर्शन को खूबसूरती से पेश किया। इस सम्मेलन में प्रसिद्ध भारतीय लेखक और आईआईएमयूएन के सलाहकार अमीश त्रिपाठी, एलपीयू के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह संधू, डॉ. सोरभ लखनपाल, एग्जीक्यूटिव डीन व अर्श्यान मलिक, सीनियर डायरेक्टर, आईआईएमयूएन शामिल हुए।
अमीशरी त्रिपाठी ने ज्ञान और सहानुभूति के बीच तालमेल स्थापित करने के महत्व पर अपने विचारों के संबोधन से युवा श्रोताओं को प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से ऐसे नेतृत्व को अपनाने का आग्रह किया जो मूल्यों पर आधारित होने के साथ-साथ भविष्य की सोच रखने वाला भी हो। सेशन के दौरान, प्रतिनिधियों ने राजनयिकों और नीति निर्माताओं की भूमिका निभाई और लिंग आधारित हिंसा, युवा बेरोजगारी और सोशल मीडिया के मानसिक स्वास्थ्य प्रभावों जैसे वैश्विक मुद्दों पर बहस और चर्चा की।