पंजाब में भाजपा को सिख चेहरों की जरूरत
पंजाब में भाजपा को सिख चेहरों की जरूरत है, क्योंकि पंथक पार्टी अकाली दल से उसका नाता टूट चुका है। 2017 के चुनाव में भाजपा ने 117 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 23 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2022 में अकाली दल के बिना भाजपा को सिख चेहरों के साथ चुनाव लड़ना था, लिहाजा काफी सिख नेताओं व विद्वानों को पार्टी में शामिल करवाया गया। इसी क्रम में मनजिंदर सिंह सिरसा समेत काफी सिख मिशनरी नेता भी भाजपा का हिस्सा बन गए।
पक्का वोट बैंक खिसक रहा
पंजाब में भाजपा अभी तक हिंदुओं को अपना पक्का वोट बैंक मानकर चलती रही है। सूबे में हिंदुओं की आबादी लगभग 38 प्रतिशत है। पार्टी के काफी टकसाली नेता इस बात से असहज हो गए हैं कि वह हिंदुत्व कार्ड को लेकर आगे कैसे बढ़ सकते हैं? उनका अपना पक्का वोट बैंक खिसक रहा है। लिहाजा भाजपा लीडरशिप के लिए स्थिति भी काफी मुश्किल भरी बन गई है।
जिसको भारतीय सेना ने मारा, उसकी फोटो सरकारी प्रापर्टी पर क्यों ?
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अमित तनेजा का कहना है कि सरकारी संपत्ति पर अराजक तत्वों की फोटो लगाना ठीक नहीं है। जिसको भारतीय सेना ने एक ऑपरेशन के दौरान मारा हो, उसकी फोटो लगाना क्या सेना का अपमान नहीं है, वह भी सरकारी प्रापर्टी पर? ऐसे तो पंजाब में सिविल वार शुरू हो जाएगा। कोई इंदिरा गांधी की फोटो लगा देगा तो कोई जनरल वैद्य की। भाजपा आतंकवाद के खिलाफ डटकर खड़ी है और राष्ट्रवाद हमारा मुख्य एजेंडा है, बाकी सब बाद में।
हमारे समाज की भावनाएं आहत होती हैं, फोटो क्यों ?
भाजपा के जिला प्रधान सुशील शर्मा का कहना है कि भिंडरांवाले की तस्वीर से हमारे समाज की भावनाएं आहत होती हैं। पंजाब में कितने साल आतंकवाद रहा है। ऐसे लोगों की तस्वीरें क्यों ? भाजपा आतंकवाद के खिलाफ डटकर खड़ी है और खड़ी रहेगी।