पंजाब में लगातार अमेरिका से डिपोर्ट होकर आने वालों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बहुत से लोग वापस गलत रास्ते से विदेश न जाने की कसमें खा रहे हैं। लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनको डिपोर्ट होकर वापस आने के बाद भी लगता है कि सारी चमक दमक डॉलर की ही है।
मान सम्मान विदेश में रहने वालों का ही है। ऐसे ही अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए जालंधर के बूटा सिंह अभी भी विदेश में बसने का सपना देख रहे हैं। संवाद सहयोगी से बात करते हुए वह कहते हैं कि वह अपना भविष्य अभी भी विदेश में ही देख रहे हैं।
भले ही उनको अमेरिका से डिपोर्ट करके क्यों न पंजाब भेजा गया हो। बूटा सिंह का कहना है कि उनके पिता 15 साल से सरपंच हैं। वह यहां पर अपने पिता की सियासत को भी आगे बढ़ा सकते हैं लेकिन उनके दिमाग में अभी भी विदेशी चमक दमक ही बसी है।
बूटा सिंह का कहना है कि बेहतर भविष्य के लिए वह भले अमेरिका न जा पाए हो लेकिन किसी और दूसरे देश जरूर जाएंगे। समाजशास्त्री डॉक्टर सतनाम सिंह चीमा कहते हैं कि विदेश में जाने की ललक हमारे युवाओं को गलत रास्ते पर धकेल रही है।