जालंधर के वजीर सिंह अब मजदूरी करने जाने लगे हैं। जमीनों को बेचकर रिश्तेदारों से कर्जा लेकर गलत रास्ते से वजीर अमेरिका गए थे । डिपोर्ट होकर पंजाब पहुंच गए हैं। जालंधर के कस्बा शाहकोट में रहने वाले वजीर अब सुबह अपने पिता के साथ मजदूरी पर जाने लगे हैं।
बाप और बेटे मिलकर कमाते हैं। मकसद यही है कि जो पैसा आए उससे अपने रिश्तेदारों का लिया हुआ कर्ज चुकाया जा सके। बेची गई जमीन को वापस लिया जा सके। क्योंकि उसके पूरे परिवार की जमा पूंजी और जमीन जायदाद अमेरिका में डॉलर की चमक दमक के लिए बिक चुकी थी।
अमेरिका ने गलत तरीके से अपने देश में प्रवेश करने वालों को डिपोर्ट किया तो जालंधर के वजीर सिंह भी उसमें शामिल थे। संवाद सहयोगी से बात करते हुए वजीर कहते हैं कि जो हुआ वह गलत था। न हमें गलत रास्ता तैयार करना था न अपनी जमीन जायदाद बेचनी थी।
वह पछतावा करते हुए कहते हैं कि उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और वह खुद जमीन पर आ गए। अब अपनी उसी जमीन को वापस पाने के लिए पूरा घर मेहनत करने में जुट गया है। उनका कहना है कि पता नहीं हम लोगों की दिन रात मेहनत से लिए हुए कर्ज उतर पाएंगे या नहीं।