पांच माह के बकाया वेतन की मांग को लेकर 20 दिनों तक धरना लगाने के बाद भी जब प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की तो सोमवार को पांच सफाई कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने ऐलान किया कि अगर दो दिन तक प्रशासन ने उनका वेतन जारी नहीं किया तो वह आमरण अनशन शुरू कर देंगे। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में नरिंद्र कुमार, रवि मलकट, राजू, मौजीराम व भागीरथ शामिल हैं।
भूख हड़तालियों को हार पहनाते हुए मुकेश सोनी ने कहा कि नगर परिषद सफाई कर्मचारियों का पांच माह का वेतन बकाया है। वह पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तब से एक बार भी सफाई कर्मचारियों को बिना संघर्ष के वेतन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सब्र का प्याला भरता जा रहा है और भूख हड़ताल के बाद वेतन नहीं मिला तो वग आमरण अनशन करेंगे और फिर भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आरपार की लड़ाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
मुकेश सोनी ने बताया कि पांच माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। वहीं फीसें जमा न होने से उनके बच्चों को स्कूल से वापस भेज दिया जाता है। सोनी ने कहा कि प्रशासन ने वेतन न देकर किसी अन्य ठेकेदार के माध्यम से शहर में सफाई करवानी चाही तो वह उसका विरोध करेंगे। कोई भी दुकानदार अपनी दुकान के आसपास सफाई करवा सकता है। इस बारे में एसडीएम पूनम सिंह ने कहा कि वह मंगलवार को नगर परिषद ईओ के साथ बैठक कर वेतन जारी करवाने का प्रयास करेंगी। इस मौके पर रिंकू, मुरारी लाल, भीमचंद, धर्मवीर मौजूद थे।