विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पंजाब में रेत का मु्द्दा भी गरमाने लगा है। शनिवार को शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने होशियारपुर जिले के कई गांवों में जाकर खनन साइटों का दौरा किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और खनन विभाग के मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया पर निशाना साधते हुए पूछा कि किन नियमों के तहत गांवों में रेत निकालने के लिए 200 फुट तक खुदाई की अनुमति दी गई है। पलटवार करते हुए सरकारिया ने जवाब दिया कि सुखबीर जिन खनन साइटों पर गए, उनकी नीलामी पिछली सरकार ने ही की। साथ ही कहा कि राजनीतिक साख खोने के बाद सस्ती शोहरत कमाने के लिए अब सुखबीर हाथ-पैर मार रहे हैं।
सुखबीर बादल ने धीमान, सेंधवाल और ब्रींगली गांवों का दौरा किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर खनन माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि रेत माफिया, जिला पुलिस और खनन विभाग ने मिलकर इलाके के 10 गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। बादल ने कांग्रेस सरकार पर अवैध खनन कर 1000 करोड़ की लूट का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि शिअद की सरकार बनते ही वह यह राशि वसूलेंगे और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे। सुखबीर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भले ही नियमों में दस फुट तक की अनुमति दी हुई है लेकिन रेत माफिया ने 200 फुट तक खुदाई की है। इस कारण जमीन के रिसाव से एक झील भी बन गई है।
यहां तक कि खनन माफिया की खुदाई के कारण वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने पर कई किलोमीटर तक उन्हें पैदल चलना पड़ा। खनन मंत्री ने शिअद प्रधान के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पिछले समय में कुछ लोगों ने गैरकानूनी खनन करने की कोशिश की थी, लेकिन विभाग ने कार्रवाई कर भारी जुर्माना किया है। यही कारण है कि खनन वाले अकालियों के इन पसंदीदा स्थानों पर आज भी सिर्फ अकाली ही गए। वहां न तो कोई मशीनरी थी और न ही कोई खनन हो रहा था।