पठानकोट में धरना देते प्रदर्शनकारियों को समझाते आशीष विज।
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80 करोड़ एनपीए के कारण प्रतिबंध झेल रहे हिंदू को-ऑपरेटिव बैंक का लेनदेन बंद हुए 16 महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं वैसे-वैसे बैंक को लेकर 90 हजार उपभोक्ताओं की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। लेन-देन शुरू करने और अपने पैसों की मांग को लेकर दो महीने से ज्यादा समय से धरना दे रहे बैंक उपभोक्ताओं ने शनिवार को पटेल चौक स्थित विधायक अमित विज के आवास के बाहर धरना दिया।
विधायक के भाई आशीष विज ने धरना दे रहे उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि विधायक अमित विज बैंक को फिर से पैराें पर खड़ा करने के लिए दिनरात मेहनत कर रहे हैं। आप लोगों को उनका साथ देना चाहिए न कि इस तरह कड़ी धूप और कोविड-19 के समय मेंधप्रदर्शन करने चाहिए। आशीष विज ने कहा कि यदि विधायक अमित विज हिंदू बैंक के केस को लेकर सजग न होते तो वह इसे कभी विधानसभा में नहीं उठाते।
डिफाल्टरों से वसूल कर लिया 41 करोड़
विधायक अमित विज ने कहा कि बैंक का बंद होने संबंधी अलर्ट 2015 को ही आरबीआई ने जारी कर दिया था। उसके बाद भी बैंक के कामकाज में कोई सुधार नहीं हुआ। मार्च 2019 में आरबीआई ने बैंक के कामकाज पर रोक लगा दी। लोन डिफाल्टरों से 80 करोड़ रुपये वसूलने के लिए पंजाब सरकार की ओर से जो भी कमेटी बनाई गई वह खुद इसका रिव्यू करते रहे। इस मुद्दे को विधानसभा में लेकर गए व इसकी विजिलेंस की जगह फोरेंसिक जांच की मांग की। यही कारण है कि अब तक बैंक 41 करोड़ रुपये डिफाल्टरों से वसूली कर चुका है। वहीं 25 कर्मियाें को डेपुटेशन पर भेजा गया। 70 कर्मियों को दूसरी जगह पर भेजकर बैंक की ब्रांचों को भी समेटा गया। विधायक ने कहा कि आरबीआई की गाइडलाइन के हिसाब से कुछ अड़चनें आ रही हैं। इसे दूर किया जा रहा है। लोन डिफाल्टरों की प्रापर्टी को भी नीलाम करने की प्रक्रिया की ओर आगे बढ़ा जा रहा है। सभी के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा।