पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के 141 एमबीबीएस विद्यार्थियों को पंजाब के आठ मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट से मिली मोहलत के आधार पर चिंतपूर्णी कॉलेज की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन ने शिफ्टिंग प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई छह अप्रैल को रखी है।
जानकारी के अनुसार संसाधनों के अभाव से जूझ रहे पठानकोट के मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायत पर राज्य सरकार ने बीती 28 मार्च को पठानकोट कॉलेज के एमबीबीएस फाइनल ईयर से संबंधित इन सभी 141 विद्यार्थियों को शर्तों के आधार पर राज्य के तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों समेत पांच निजी कॉलेजों में शिफ्ट किया था।
अगले ही दिन 29 मार्च को चिंतपूर्णी कॉलेज ने सुप्रीम कोर्ट के पास एसएलपी दायर करते हुए विद्यार्थियों की शिफ्टिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने का आग्रह किया। इस याचिका पर 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के इस याचिका को रद्द करने से पहले ही कॉलेज प्रबंधन ने इसे वापस लेते हुए सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की मोहलत मांगी थी। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने शिफ्टिंग प्रक्रिया पर चार अप्रैल तक रोक लगा दी है। चिंतपूर्णी कॉलेज की तरफ से दायर याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट ने फिलहाल शिफ्टिंग प्रक्रिया रोक दी है।