यहां के सिविल अस्पताल में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को अस्पताल की लैब में पांच और मरीजों की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
वहीं मंगलवार तक अस्पताल में डेंगू के 30 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वायरल और प्लेटलेट्स सेल कम होने वाले मरीजों से सिविल अस्पताल खचाखच भरने लगा है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में मरीजों को दाखिल करने के लिए बेड नहीं हैं। यही कारण है कि डाक्टर मरीजों को सिविल अस्पताल में इलाज करवाने के लिए साथ में बेड लेकर आने की बात कह रहे हैं।
हालांकि यह मांग खुले तौर पर नहीं की जा रही है लेकिन दर्जा चार कर्मी अथवा नर्सें मरीजों को यह बात कह रहे हैं। इन आदेशों में उन लोगों को परेशानी हो रही है जो, दूर से अस्पताल में इलाज कराने आते हैं। शहर के लोग तो फोल्डिंग बेड साथ लेकर आ रहे हैं और अस्पताल प्रशासन ने ये बेड बरामदे में लगवा दिए हैं।
‘न सफाई दुरुस्त न ही दवाएं उपलब्ध’
शाहकोट से अपने साले के बुखार का इलाज करवाने आए बलविंदर सिंह का कहना है कि नर्स उन्हें अपना बेड लेकर आने के लिए दबाव बना रही है। ऐसे में उन्हें जालंधर से ही मरीज के लिए फोल्डिंग बेड खरीदना पड़ा है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। जहां न तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त है और न ही मरीजों के लिए दवाएं हैं। गंदगी के कारण मरीजों के और बीमार होने का अंदेशा बना हुआ है। अस्पताल में तो कुछ मरीजों को स्टैचर भी लेटा रखा है।