खेतों के लिए दी जा रही मुफ्त बिजली सरकार के लिए घाटे का कारण बनती जा रही
है। इसकी मुख्य वजह खेतों को दी जाने वाली बिजली का घरेलू इस्तेमाल करना
भी माना जा रहा है। इस घाटे से निपटने के लिए पावरकाम अब खेतों व घरों के
बिजली कनेक्शन अलग-अलग करने में जुट गया है।
अब किसानों के घरों में
अलग बिजली के मीटर लगाए जा रहे हैं ताकि किसानों से उनके घरों का बिजली बिल
वसूला जा सके। विभाग की माने तो गांवों में किसानों के खेतों व घरों के
मीटरों को अलग करने का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। अब किसान खेतों
में मुफ्त में दी जा रही बिजली का अपने घरों में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।।
उधर दूसरी ओर जालंधर सर्कल के 5 लाख मीटरों में से अभी भी एक लाख मीटर
घरों से बाहर करने बाकी हैं। विभाग द्वारा इस कार्यो को अंजाम तक पहुंचाने
का ठेका प्राइवेट कंपनी एल एंड टी को दिया गया है।
‘गांवों में बिजली मीटर लगाने का काम पूरा’
पावरकाम
जालंधर सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर गोपाल शर्मा का कहना है कि गांवों
में किसानों के खेतों व घरों के बिजली मीटर को अलग करने का कार्य लगभग
खत्म हो चुका है। शहर गर्मी के कारण कार्य में तेजी नहीं आ सकी। कंपनी को
काम जल्द से जल्द खत्म करने के लिए कहा गया है। जल्द ही सभी कार्य पूरे कर
लिए जाएगे।