किडनी खरीद फरोख्त के कारोबार में गिरफ्तार हुए सभी आरोपियों को शनिवार को
अदालत में पेश किया गया। किडनी रैकेट के सरगना जुनैद खान व लाल पैथ लैब के
टेक्नीशियन हरविंदर सिंह का अदालत ने तीन दिन का रिमांड बढ़ा दिया है और
अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया। अदालत को पुलिस ने बताया कि जुनैद व
हरविंदर दोनों से पूछताछ करनी है और कई स्थानों पर लेकर भी जाना है।
इस पर
अदालत ने तीन दिन का रिमांड बढ़ा दिया।
पुलिस इस मामले में अभी फूंक
फूंक कर कदम रख रही है, मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण डॉ. राजेश अग्रवाल व
उसकी पत्नी दीपा अग्रवाल पर सीधा हाथ नहीं डाला जा रहा है। पुलिस नेशनल
किडनी अस्पताल की ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर नीना उर्फ साधना की तलाश कर रही
है, जो प्रति केस 50 हजार रुपये लेती थी। अभी उसको गिरफ्तार नहीं किया गया
है, उसकी गिरफ्तारी के बाद कई राज खुलकर सामने आ जाएंगे। साधना कई दिनों
से अस्पताल से छुट्टी पर चल रही है।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने यूपी से
आपरेट होने वाले किडनी रैकेट का पर्दाफाश कर गिरोह के चार सदस्यों को
गिरफ्तार किया था, जिसमें जुनैद अहमद खान, कुलदीप, यूपी के साबुर अहमद और
वरदान चंद शामिल थे। पांचवां आरोपी लाल पैथ लैब का टेक्नीशियन हरविंदर सिंह
गिरफ्तार हुआ था, जो डीएनए के लिए ब्लड सैंपल बदल देता था और उसी के आधार
पर आगे डॉ. राजेश अग्रवाल के नेशनल किडनी अस्पताल की ट्रांसप्लांट
कोआर्डिनेटर साधना उर्फ नीन रानी फाइल तैयार कर देती थी। अब यह जानने की
कोशिश की जा रही है कि इस सब के बारे में डॉ. राजेश अग्रवाल को पता होता था
या नहीं ? इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। एसआईटी के अधिकारियों का
कहना है कि मामले में साधना की गिरफ्तारी से कई राज खुलकर सामने आ जाएंगे।