मानिक सारा दिन अपने मोबाइल पर लगा रहता था, जिसके चलते उसके पिता ने उसका मोबाइल छीन लिया। इसी बात से आहत होकर मानिक ने गुरुवार करीब दोपहर 12 बजे पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार ली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने पिता के बयान दर्जकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से जो सुसाइड नोट मिला है, उसको कब्जे में ले लिया है।
बच्चों के साथ समय बिताएं अभिभावक, मोबाइल एडिक्शन खतरनाक: डॉ. जसबीर कौर
मनोवैज्ञानिक व डीएवी यूनिवर्सिटी की वीसी डॉ. जसबीर कौर ऋषि का कहना है कि अभिभावकों को अधिक से अधिक समय अपने बच्चों के साथ बिताना चाहिए। मोबाइल से जितना हो सके बच्चे तभी दूर जाएंगे जब आप उनके साथ समय व्यतीत करेंगे। बच्चे खुद को नजरअंदाज महसूस करते हैं तो मोबाइल व गेम्स को अपना साथी समझने लगते हैं और बाद में इसके आदी हो जाते हैं।
पबजी और अन्य खतरनाक गेम्स के आदी बच्चों को प्यार से काउंसिलिंग कर निकाला जाए। इससे पहले भी जालंधर में एक युवक ने 50 हजार रुपये पिता के खाते से इसलिए निकलवा लिए थे क्योंकि उसको पबजी खेलने के लिए नया मोबाइल लेना था। एक अन्य घटना में युवक ने पबजी के कारण सुसाइड कर ली थी।